Ranchi : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि झारखंड में शराब घोटाला अब 136 करोड़ तक पहुंच गया है। पहले 38 करोड़, फिर 70 करोड़ और अब 136 करोड़ का नुकसान सामने आया है, लेकिन मुख्यमंत्री अब भी किसी सरकारी अधिकारी को बलि का बकरा बनाकर खुद को बचाने की फिराक में हैं।
सोशल साइट एक्स पर अपने ट्वीट में मरांडी ने खुलासा किया कि घोटाला इतना साफ-सुथरा था कि जल्दबाजी में एक गलती हो गई। नियम कहता है कि शराब आपूर्तिकर्ता कंपनी को पहले झारखंड स्टेट ब्रेवरेज कॉरपोरेशन (जेएसबीसीएल) के साथ एग्रीमेंट करना होता है, फिर अखबार में टेंडर निकलता है। लेकिन यहां तो टेंडर निकलने से पहले ही एक निर्धारित कंपनी को बिना एग्रीमेंट, बिना टेंडर शराब सप्लाई का काम सौंप दिया गया।
एसीबी की जांच में यही कंपनी सरकार को 136 करोड़ का चूना लगाते पकड़ी गई है। मरांडी ने कहा कि इतना बड़ा घोटाला और नियमों को ताक पर रखकर काम – ये किसके इशारे पर हुआ, बताने की जरूरत नहीं। पूरे राज्य में इतने बड़े घोटालेबाज सिर्फ एक ही हैं, जो कहते फिरते हैं कि करोड़ों कमाने के लिए जेल जाना पड़े तो क्या हर्ज है।
बाबूलाल मरांडी ने बिना नाम लिए सीधे CM पर निशाना साधा। उन्होंने चेतावनी दी कि एसीबी का शिकंजा चाहे असल गुनाहगारों तक पहुंचे या नहीं, लेकिन केंद्र की एजेंसियों से मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
साहिबगंज अवैध खनन : सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई हेमंत सरकार की SLP
एक अन्य ट्वीट में बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने साहिबगंज में 1500 करोड़ से ज्यादा के अवैध पत्थर खनन मामले में सीबीआई जांच पर पूरी तरह मुहर लगा दी। राज्य सरकार की ओर से दायर एसएलपी खारिज करते हुए कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की कि सरकार अपराधियों को संरक्षण देने की प्रवृत्ति दिखा रही है।
मरांडी ने कहा, “पंकज मिश्रा, बच्चू यादव, विष्णु यादव, राजेश यादव जैसे चहेतों को बचाने के लिए याचिकाकर्ता पर दबाव डाला गया, लोगों को धमकाया गया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में हेमंत जी की धूर्तता नहीं चली। यह फैसला भ्रष्टाचारी सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।

