
धनबाद : देश के विभिन्न बिजलीघरों में कोयले की बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने उत्पादन और डिस्पैच व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। कंपनी ने पाथरडीह वाशरी से वाश्ड पावर कोल का परिवहन बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब यहां से प्रतिदिन एक के बजाय तीन रेक कोयला भेजने की तैयारी की जा रही है। इस बदलाव से बिजली संयंत्रों को पर्याप्त और समयबद्ध कोयला उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
सीएमडी ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने पाथरडीह वाशरी के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कोयला डिस्पैच बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप कोयले की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन से लेकर परिवहन तक पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना होगा। इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ-साथ परिचालन क्षमता में भी सुधार जरूरी है।
सिजुआ क्षेत्र की पांच खदानों का लिया जायजा
पाथरडीह वाशरी पहुंचने से पहले सीएमडी ने सिजुआ क्षेत्र की पांच प्रमुख खदानों का निरीक्षण किया। इनमें अमलगमेटेड सेंद्रा बांसजोड़ा, निचितपुर, तेतुलमारी, मुदीडीह और कनकनी खदान शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने खनन गतिविधियों, उत्पादन की वर्तमान स्थिति और परिचालन से जुड़ी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
संबंधित अधिकारियों से बातचीत करते हुए उन्होंने खदानों की उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया। साथ ही उपलब्ध मशीनों और अन्य संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल तथा कामकाज में आने वाली परेशानियों का समय पर समाधान करने का निर्देश दिया।
उत्पादन और डिस्पैच के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने कहा कि कोयला उत्पादन बढ़ाना तभी सार्थक होगा, जब उसे निर्धारित समय पर संबंधित स्थानों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए खदानों, वाशरी और परिवहन व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय कायम करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को डिस्पैच से जुड़ी रुकावटों की पहचान कर उनका तत्काल समाधान करने को कहा।
बिजली संयंत्रों की मांग पूरी करना प्राथमिकता
पाथरडीह वाशरी में वाश्ड पावर कोल के डिस्पैच की समीक्षा करते हुए सीएमडी ने अधिकारियों को रोजाना तीन रेक भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए वाशरी से कोयला आपूर्ति बढ़ाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी उत्पादन और डिस्पैच प्रणाली की लगातार समीक्षा कर रही है, ताकि बिजलीघरों तक पर्याप्त मात्रा में कोयला पहुंचता रहे।
अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने की जिम्मेदारी
सीएमडी ने परिचालन संबंधी जरूरतों पर नियमित नजर रखने, संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करने और समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं करने की बात कही। निरीक्षण के समय सिजुआ क्षेत्र तथा लोदना क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बीसीसीएल के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

