रांची : भारत के स्टील उद्योग के लिए ऐतिहासिक क्षण आया है। सेल (SAIL) की इकाई बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने पहली बार चेकर स्टील प्लेटों का बड़े पैमाने पर सफल रोलिंग ट्रायल पूरा कर लिया है। यह वही उत्पाद है, जिसका बाजार अब तक देश के छोटे मिलों तक सीमित था।

रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री का जरूरी घटक
चेकर स्टील प्लेट अपनी फिसलनरोधी सतह, मजबूती और उच्च घर्षण क्षमता के कारण पूरे देश में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती हैं। इनका उपयोग रेलवे कोच और स्टेशन प्लेटफॉर्म, ओवरब्रिज और सीढ़ियां, ट्रक-ट्रेलर और वाहन फर्श, मशीनरी और औद्योगिक प्लेटफॉर्म और शिपिंग एवं पेट्रो-केमिकल सेक्टर में होता है। अब इन क्षेत्रों को स्थानीय, उच्च गुणवत्ता वाली चेकर प्लेटों की सप्लाई सुनिश्चित होगी।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा स्टील सेक्टर से बड़ा समर्थन
बीएसएल की यह उपलब्धि राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता मिशन को गति देने वाली है। कार्यकारी निदेशक प्रियरंजन और एके दत्त के नेतृत्व में तैयार की गई टीम ने वह उत्पाद विकसित किया है, जिसे अब तक किसी बड़े भारतीय स्टील संयंत्र ने व्यावसायिक रूप से नहीं बनाया था।
तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन : पहले ही प्रयास में तैयार हुई 12 क्वाइल्स
पहले ट्रायल में बीएसएल ने 1,250 से 1,500 मिमी चौड़ाई,
5 से 6 मिमी मोटाई की 12 चेकर प्लेट क्वाइल्स सफलतापूर्वक तैयार कर ली है।
यह पूरा कार्य इन-हाउस तकनीक, मशीन सेटअप, और सतत मॉनिटरिंग के साथ संपन्न हुआ। अधिकारियों ने इसे उत्पादन पोर्टफोलियो विस्तार की दिशा में मील का पत्थर बताया।
BSL हर माह बनाएगा 30,000 टन
भारत में चेकर स्टील प्लेट की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका राष्ट्रीय मांग 3.6 लाख टन प्रतिवर्ष है। BSL लक्ष्य 30,000 टन प्रति माह है। आर्थिक रूप से भी यह बड़ा कदम है, क्योंकि चेकर प्लेट से प्रति टन सामान्य एचआर कॉइल की तुलना में लगभग 1,500 रुपये अधिक कमाई होती है।
राउरकेला में दशक पहले बंद हुआ था उत्पादन
SAIL के राउरकेला स्टील प्लांट में कभी चेकर प्लेट का उत्पादन होता था, लेकिन लगभग एक दशक पहले यह बंद हो गया था। अब SAIL समूह में केवल बोकारो स्टील प्लांट ने इस तकनीकी क्षमता को पुनर्जीवित किया है।
‘इन-हाउस क्षमता का प्रमाण’- BSL प्रबंधन का बयान
बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धान ने कहा कि यह उपलब्धि हॉट स्ट्रिप मिल में पूर्णतः इन-हाउस रोलिंग ऑपरेशन से मिली है। यह हमारी तकनीकी क्षमता, टीमवर्क और विजन का परिणाम है।
स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन का बयान- ‘देश के लिए मील का पत्थर’
BSOA के जनरल सेक्रेटरी अजय पांडे ने कहा ने कहा कि यह उपलब्धि न सिर्फ बोकारो, बल्कि पूरे देश के स्टील उद्योग के लिए मील का पत्थर है।
घरेलू इस्पात उत्पादन को नई दिशा देने वाला कदम
बोकारो स्टील प्लांट की यह उपलब्धि न सिर्फ SAIL के लिए गौरव का विषय है, बल्कि राष्ट्र के औद्योगिक ढांचे को मजबूती देने वाला परिवर्तनकारी कदम भी है। रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी और ट्रांसपोर्ट जैसे अहम क्षेत्रों को अब उच्च गुणवत्ता वाली चेकर प्लेटें देश में ही उपलब्ध होंगी, जिससे आयात निर्भरता कम होगी और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

