Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग जिले में पांच दिन पहले लापता हुए सगे भाई-बहन के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक तौर पर दोनों बच्चों की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और फॉरेंसिक व तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों को जांच में लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, कटकमदाग थाना क्षेत्र से 27 मई को 12 वर्षीय तमन्ना परवीन और उसका तीन वर्षीय भाई रिजवान अचानक लापता हो गए थे। बच्चों के पिता ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस और परिजन उनकी तलाश में जुटे थे।तलाश के दौरान रविवार देर रात तमन्ना का शव कोर्रा थाना क्षेत्र स्थित सिंदूर नदी से बरामद किया गया। इसके बाद सोमवार दोपहर उसके छोटे भाई रिजवान का शव भी सिंदूर इलाके के एक कुएं से मिला।
दोनों बच्चों के शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है और स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।बताया गया है कि पीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और वर्तमान में हजारीबाग में खिलौने बेचकर अपना जीवनयापन करता है। बच्चों की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी की सूचना देने के बाद पुलिस ने मामले को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया।
उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो शायद दोनों बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने मामले की विशेष जांच के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। जांच टीम घटनास्थलों से जुटाए गए साक्ष्यों, तकनीकी इनपुट और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
एएसपी अमित कुमार ने बताया कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमों को लगाया गया है और लगातार छापेमारी की जा रही है।फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतजार कर रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि जल्द ही इस सनसनीखेज मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

