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Jamshedpur Murder Case: मौसेरे भाई की हत्या का बदला लेने के लिए मानगो में हुई थी विकास की हत्या, दो हत्यारोपी गिरफ्तार

विकास सिंह हत्याकांड का 24 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : उलीडीह ओपी क्षेत्र में हुए चर्चित विकास सिंह हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या पुरानी रंजिश और बदले की भावना में की गई थी। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। तकरीबन एक साल पहले पवन शर्मा की हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था। इसी घटना का बदला लेने के लिए राजू कुंभकार ने अपने एक साथी के साथ मिल कर विकास सिंह का कत्ल कर दिया। राजू कुंभकार ने पुलिस को बताया कि पवन शर्मा हत्याकांड में विकास के भाई विक्की सिंह का नाम सामने आया था। इसीलिए राजू ने विक्की के भाई विकास की हत्या कर दी।

गौरतलब है कि 31 मई को उलीडीह बस्ती स्थित मुर्दा मैदान जाने वाले रास्ते के किनारे झाड़ियों से एक युवक का शव बरामद हुआ था। मृतक की पहचान 25 वर्षीय विकास सिंह उर्फ विकास राव के रूप में हुई थी, जो न्यू उलीडीह आदिवासी क्लब का निवासी था। घटना के बाद मृतक के भाई विक्की सिंह उर्फ अप्पा राव की शिकायत पर उलीडीह ओपी में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक पटमदा दयानंद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

नशा कराने के बहाने बुलाया गया था विकास को

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज कुंटिया उर्फ साधु कुंटिया (24 वर्ष) और राजू कुम्भकार (31 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व हुए सौरभ शर्मा उर्फ पवन शर्मा हत्याकांड में मृतक के भाई विक्की सिंह उर्फ अप्पा राव और उसके साथियों का नाम सामने आया था। उसी घटना का बदला लेने के लिए उन्होंने विकास सिंह को निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने विकास सिंह को नशा करने के बहाने एक खंडहरनुमा झोपड़ी में बुलाया, जहां लोहे के पाइप और धारदार चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद शव को मच्छरदानी में लपेटकर देर रात झाड़ियों में फेंक दिया गया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

हत्या में प्रयुक्त लोहे का पाइप बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे का पाइप, विब्लेड से बना धारदार चाकू, मच्छरदानी और खून लगी मिट्टी बरामद कर ली है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी सूरज कुंटिया के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं राजू कुम्भकार का भी आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

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