Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र में साल 2022 में अवैध हथियार के साथ पकड़े गए बदमाश मुर्गी बोदरा उर्फ विश्वनाथ बोदरा उर्फ दौड़े को अदालत ने 10 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चक्रधरपुर की अदालत ने शनिवार को सुनाई।बताया जा रहा है कि पुलिस ने साल 2022 में कराईकेला थाना क्षेत्र के नकटी बाजार के पास से मुर्गी बोदरा को गिरफ्तार किया था।

मुखबिर की सूचना पर हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि कोई संदिग्ध व्यक्ति हथियार के साथ घूम रहा है। इस पर पुलिस ने उसे पकड़ा था। इसके बाद उससे पूछताछ की गई। उसने अपना नाम मुर्गी बोदरा बताया था। यह गिरफ्तारी तत्कालीन थाना प्रभारी दीपक क्रिएशन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापामारी कर की थी।
तलाशी के दौरान मिली थी पिस्टल
तलाशी के दौरान मुर्गी बोदरा के पास से कमर में लगाई गई देसी पिस्तौल बरामद हुई थी। इसकी मैगजीन में पांच कारतूस मिले थे, जो लोड थे।
सेरेंगदा गांव का रहने वाला था मुर्गी बोदरा
मुर्गी बोदरा सेरेंगदा का रहने वाला था। प्रारंभिक जांच में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन से जुड़े होने के संकेत मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट के तहत उसे जेल भेजा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की तहकीकात की थी और कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसी मामले में कोर्ट ने मुर्गी बोदरा को दोषी करार दिया था और आज शनिवार को सजा के बिंदु पर फैसला हुआ।
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