
चाईबासा : जिस नमक के लिए महात्मा गांधी ने आंदोलन किया था, वह आज अफसरों और डीलरों की मनमानी के कारण गरीबों तक नहीं पहुंच सका। पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी सहित करीब 5 प्रखंडों के एफसीआई गोदामों में आपूर्ति विभाग की लापरवाही से लाखों रुपये का सरकारी नमक बर्बाद हो गया।
गोदामों में कूड़े की तरह पड़ा रहा नमक
मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना के तहत गुलाबी कार्ड, पीला कार्ड और जरूरतमंद राशन कार्डधारियों को यह नमक वितरित किया जाना था। लेकिन वर्षों से गोदामों में नमक कूड़े की ढेर की तरह पड़ा रहा। समय पर वितरण नहीं होने से सरकारी नमक खराब हो गया। इससे गरीबों का हक मारा गया और सरकारी खजाने को लाखों का नुकसान हुआ।
मंत्री दीपक बिरुवा ने जताई नाराजगी
मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार और परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने संज्ञान लिया है। मंत्री ने कहा कि सरकारी धन की क्षति पहुंचाने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
खाद्य आपूर्ति विभाग में हड़कंप
खबर सामने आते ही खाद्य आपूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय स्तर पर मामले की जांच की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अफसरों की लापरवाही से पहले भी कई बार अनाज और अन्य सामग्री बर्बाद हो चुकी है। अब देखना यह है कि कार्रवाई सिर्फ ऐलान तक सीमित रहती है या लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों पर वास्तव में गाज गिरती है। गरीब लाभुकों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और योजना को सही तरीके से लागू करने की मांग की है।

