चाईबासा : झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन की अध्यक्षता में परिसदन सभागार में समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्य, झारखंड राज्य खाद्य आयोग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत संचालित योजनाओं से संबंधित प्राप्त शिकायतों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि आयोग द्वारा प्राप्त शिकायत का निवारण 15 दिनों के भीतर करते हुए सूचित करेंगे।
जिला समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के क्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अहर्ताधारी सभी लाभुकों को योजना से जोड़ते हुए संबंधित रिपोर्ट आयोग को प्रेषित करने के लिए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देशित किया गया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के क्रम में जिला शिक्षा अधीक्षक को मध्यान्ह भोजन प्राप्त करने वाले विद्यालय में समय-समय पर निरीक्षण करते हुए बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, सहित रूटीन के अनुसार दिए जा रहे भोजन की जांच करने के लिए निर्देशित किया गया।
कहा गया कि आप जब भी स्कूल में निरीक्षण के लिए जाएं, तो बच्चों के साथ भोजन अवश्य करें। ताकि भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की जा सके।
राशन कार्ड की संख्या अंकित करना अनिवार्य
आपूर्ति विभाग की समीक्षा के क्रम में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों में सभी प्रकार के राशन कार्ड की संख्या अंकित करना अनिवार्य है। आकस्मिक खाद्यान्न के तहत वैसे लाभुक जो राशन कार्ड के लिए अहर्ता रखते हैं पर किसी कारणवश उनका राशन कार्ड नहीं बना है। वैसे लाभुकों को आवश्यकता अनुसार बाजार दर से 10 Kg तक राशन मुहैया कराया जा सकता है। साथ ही वैसे लाभुकों का राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में भी तेजी लानी है।
झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्षा शबनम परवीन ने जिले के विभिन्न जन वितरण प्रणाली दुकान और सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र का निरीक्षण भी किया गया।
जन वितरण प्रणाली दुकान के निरीक्षण के क्रम में प्रभारी अध्यक्ष के द्वारा जन वितरण प्रणाली दुकानों के लाभुकों से बात कर राशन वितरण की जानकारी प्राप्त की गई। जिसमें लाभुकों के द्वारा जानकारी दी गई कि उन्हें जुलाई तक का राशन प्राप्त हो चुका है। जिसमें डीलर्स को अगस्त तक का राशन ससमय वितरण करने के लिए निर्देश दिया गया।
कुपोषण उपचार केंद्र का निरीक्षण
सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र के निरीक्षण के क्रम में माता और शिशु के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। उनको दिए जा रहे भोजन और दवाइयों के बारे में जानकारी ली है। साथ ही साथ संबंधित अधिकारियों को कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती माता और शिशु के बेहतर इलाज करने के लिए निर्देशित किया गया।

