चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होती नजर आ रही है। रोज हो रहे सड़क हादसे इसकी गवाही दे रहे हैं। तमाम दावों के बावजूद प्रशासन इन घटनाओं पर रोक लगाने में विफल साबित हो रहा है। ताजा मामला चाईबासा-तांतनगर मुख्य मार्ग का है, जहां बरकुडिया पुल के पास हुए सड़क हादसे में पति की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी घायल हो गई।
तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने मारी टक्कर
जानकारी के अनुसार चाईबासा तांतनगर थाना अंतर्गत कोकचो गांव निवासी 50 वर्षीय बुधराम शांडिल शुक्रवार सुबह अपने पत्नी के साथ स्कूटी में एलपीजी गैस सिलेंडर लेने चाईबासा आ रहा था। इसी दौरान मुफस्सिल थाना अंतर्गत बरकुंडिया पुल के पास सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर से स्कूटी की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। बुधराम शांडिल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठी उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई।
आसपास के लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से सदर अस्पताल चाईबासा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बुधराम को मृत घोषित कर दिया। घायल पत्नी का इलाज सदर अस्पताल चाईबासा में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ट्रैक्टर चालक फरार, पुलिस कर रही तलाश
दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बुधराम की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
तेज रफ्तार व ओवरलोडिंग के कारण हो रहे हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि पश्चिमी सिंहभूम जिला में मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। चाईबासा रांची चक्रधरपुर मार्ग हो या फिर चाईबासा जगन्नाथपुर मुख्य मार्ग हों या फिर चक्रधरपुर मनोहरपुर मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। सड़क किनारे अतिक्रमण और गड्ढों के कारण भी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुख्य सड़क पर पेट्रोलिंग बढ़ाने, स्पीड ब्रेकर लगाने और ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि सड़क सुरक्षा सप्ताह केवल कागजों तक सीमित है। धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं दिखती।

