जमशेदपुर : बिरसानगर जोन नंबर टू बी में सोमवार को बिरसा सेना ने खुद कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर भू माफिया के बनाए गए ढांचे पर बुल्डोजर चला दिया। बुल्डोजर लगा कर पूरा ढांचा ध्वस्त कर दिया गया है। इस दौरान मौके पर बिरसा सेना के जवान और ग्रामीण मौजूद थे। बताते हैं कि इस बीच पुलिस भी वहां पहुंची मगर वापस चली गई। बिरसा सेना ने अंचल अधिकारी को भी चेतावनी दी है कि अगर उनके इलाके में भू माफिया को सरकारी जमीन पर कब्जा करने में सहयोग किया जाता है तो बिरसा सेना आंदोलन करेगी। अब बिरसानगर में भू माफिया को जमीन कब्जा करने नहीं दिया जाएगा।
जब बुल्डोजर से अतिक्रमण हटाया जा रहा था तो वहां बिरसा सेना के लोग अपने परंपरागत हथियार तीर-धनुष लेकर मौजूद थे। यह लोग नारेबाजी कर रहे थे। इन लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते ही सरकारी जमीनों पर भू माफिया का अवैध कब्जा हो रहा है। बिरसा सेना का दावा है कि यह जमीन बिरसानगर ग्राम सभा की है। इसलिए, बिना ग्राम सभा की अनुमति के यहां कुछ नहीं हो सकता।

उलीडीह में भी हटाया गया अतिक्रमण

आदिवासी समाज के लोगों ने उलीडीह के शंकोसाई में भी सोमवार को अतिक्रमण हटाया गया। बिरसा सेना की मौजूदगी में यहां भी अतिक्रमण हटाया गया है। यहां पुराने सीओ कार्यालय के पास यह भूमि है। हो समाज के इस श्मशान भूमि पर भी भू माफिया कब्जा कर रहे थे। टीन की चादरों के सहारे जमीन की घेराबंदी की जा रही थी। इस घेराबंदी को तोड़ कर हटा दिया गया है।
ग्राम सभा की वैध संपत्ति होने का दावा
बिरसा सेना के केंद्रीय अध्यक्ष दिनकर कच्छप ने बताया कि यह ज़मीन ग्राम सभा की वैध संपत्ति है, जिस पर भूमि माफियाओं ने अवैध कब्ज़ा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर भूमाफिया ने अवैध निर्माण कर लिया था। उन्होंने कहा, “आज का संघर्ष यह साबित करता है कि जब जनता एकजुट होती है, तो किसी भी अतिक्रमण को रोका जा सकता है। हमें माफियाओं के पैसों के लालच और आपसी फूट से बचना होगा।”
प्रशासन को चेतावनी, आंदोलन की तैयारी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और अंचल अधिकारी (सीओ) ने ग्राम सभा भूमि पर दोबारा अतिक्रमण की अनदेखी की, तो कोल्हान में व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने CNT एक्ट, SPT एक्ट और विल्किंसन नियम जैसे ऐतिहासिक कानूनों के सख्त पालन की माँग की है। साथ ही इस मुद्दे को झारखंड के भू-राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ के संज्ञान में भी लाया गया है। दिनकर कच्छप ने स्पष्ट किया कि “अब यह अतिक्रमण मुक्त ज़मीन सामाजिक हित और ग्राम विकास के कार्यों में उपयोग की जाएगी। यदि दोबारा अवैध कब्ज़े की कोशिश हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।” बिरसा सेना और ग्रामीणों ने यह स्पष्ट कर दिया कि ग्राम सभा भूमि पर कब्ज़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

