
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनू की संयुक्त अध्यक्षता में नार्कोटिक्स कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म, जिला उत्पाद कार्यालय, कारा सुरक्षा तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
तीनों अनुमंडलों में नशा विरोधी जागरूकता कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश
बैठक में नार्कोटिक्स कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म के तहत जिले में मादक पदार्थों के सेवन, अवैध व्यापार एवं विशेष रूप से अफीम की खेती की रोकथाम को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के तीनों अनुमंडल क्षेत्रों सदर चाईबासा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर व जगन्नाथपुर में संबंधित विषय पर जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए तथा स्थानीय स्तर पर लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव एवं इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाए।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय अफीम की खेती की शुरुआत का है, ऐसे में सभी संबंधित पदाधिकारी प्रारंभिक स्तर से ही सक्रिय एवं सतर्क रहें। क्षेत्र में कहीं भी अफीम की खेती न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों एवं पुलिस प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के साथ निगरानी एवं कार्रवाई की जाए। अफीम की खेती की प्रारंभिक सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव को लेकर नियमित जागरूकता अभियान संचालित करने के दिए निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान संचालित करते हुए लोगों को अफीम की खेती के स्थान पर वैकल्पिक एवं लाभकारी कृषि गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया। विद्यालय स्तर पर भी मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव को लेकर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया।
मादक पदार्थों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी उपलब्ध कराने का दिया निर्देश
बैठक में थाना स्तर पर संचालित साइबर सुरक्षा कार्यक्रमों के दौरान भी नशे के दुष्प्रभाव एवं मादक पदार्थों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा प्राप्त सूचनाओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। जागरूकता कार्यक्रमों में मादक पदार्थों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार छापेमारी का निर्देश
जिला उत्पाद कार्यालय की समीक्षा के दौरान अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि उत्पाद विभाग द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है तथा अब तक कुल 22 मामलों में 146 अभियोग दर्ज किए गए हैं।
उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने प्राप्त आसूचना के आधार पर अवैध शराब के विरुद्ध और अधिक प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से मुफस्सिल थाना क्षेत्र, जगन्नाथपुर, चक्रधरपुर, टोंटो सहित अन्य संवेदनशील एवं चिन्हित क्षेत्रों में सघन छापेमारी अभियान संचालित करने को कहा गया।पर्व-त्योहार के मद्देनजर अवैध शराब की बिक्री एवं शराब के अनधिकृत परिवहन पर विशेष निगरानी रखने तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, निर्धारित ड्राई डे से संबंधित सूचनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं इसे समाचार पत्रों में प्रकाशित कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि आम लोगों को इसकी जानकारी समय पर प्राप्त हो सके।
कारा सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर
बैठक में कारा सुरक्षा समिति तहत मंडल कारा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने मंडल कारा में कार्यालय व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था तथा सीसीटीवी निगरानी की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कारा परिसर में स्थापित निगरानी व्यवस्था को प्रभावी एवं सुचारू बनाए रखने तथा सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का नियमित रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।मंडल कारा की आधारभूत एवं मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने तथा कैदियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया। साथ ही “प्रोजेक्ट परिवर्तन” के तहत बंदियों को नियमित रूप से विभिन्न रोजगारपरक एवं कौशल आधारित कार्यों का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि प्रशिक्षण के माध्यम से उनके कौशल का विकास हो सके और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल की जा सके। उपायुक्त ने संप्रेक्षण गृह एवं बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। संबंधित पदाधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी, आधारभूत सुविधाओं एवं वहां रह रहे बच्चों की आवश्यकताओं की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया।
एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ितों को समय पर मिले सहायता
बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित पदाधिकारी मामलों से संबंधित आवश्यक प्रतिवेदन जिला कल्याण शाखा को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि पात्र पीड़ितों को सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा एवं अन्य सहायता राशि समय पर उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित मामलों में आवश्यक दस्तावेजों एवं अभिलेखों की पूर्णता सुनिश्चित करते हुए ही प्रतिवेदन अग्रसारित किया जाए, ताकि पीड़ितों को निर्धारित सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक में उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नशा एवं अवैध गतिविधियों की रोकथाम, कारा सुरक्षा को मजबूत करने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित पीड़ितों को नियमानुसार त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

