Dhanbad : धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में गैस रिसाव की भयावहता थमने का नाम नहीं ले रही है। केंदुआडीह स्थित गैस प्रभावित राजपूत बस्ती, चिल्ड्रेन पार्क बाईपास सड़क किनारे गुरुवार सुबह एक ही परिवार के तीन लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बजरंगी वर्मा के 24 वर्षीय पुत्र सन्नी कुमार, रंजीत वर्मा की 34 वर्षीय पत्नी दिव्या देवी और उनका तीन वर्षीय पुत्र डुग्गू चक्कर, उल्टी और सांस लेने में गंभीर तकलीफ की शिकायत के बाद सुबह करीब चार बजे बीसीसीएल के कुस्तौर क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराए गए।
फिलहाल सभी का अस्पताल में इलाज जारी है। इसके पूर्व भी कई लोग सांस की गंभीर शिकायत के बाद अस्पताल में लगातार भर्ती हो चुके हैं।पीबी एरिया के मेडिकल आफिसर डा. शशि कुमार रवि ने बताया कि तीनों पीड़ित एक ही परिवार के सदस्य हैं और गैस के प्रभाव से बीमार पड़े हैं। लेकिन यह घटना एक बार फिर बीसीसीएल के तमाम दावों की पोल खोल रही है। गौरतलब है कि गैस रिसाव को रोकने के लिए बीसीसीएल ने नाइट्रोजन फिलिंग समेत कई तकनीकी उपायों का दावा किया था। बड़े-बड़े आश्वासन दिए गए कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। केंदुआडीह में अब भी लगातार गैस का रिसाव जारी है और लोग रोजाना सांस की तकलीफ, चक्कर और उल्टी जैसी समस्याओं से जूझते हुए अस्पताल पहुंच रहे हैं।सबसे चिंताजनक बात यह है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद बीसीसीएल और प्रशासन की चुप्पी बनी हुई है। न तो स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम दिख रहे हैं और न ही प्रभावित परिवारों की सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी ज़िंदगी अब एक तरह से मौत के मुहाने पर खड़ी है, लेकिन जिम्मेदार महकमा के रूप में बीसीसीएल व जिला प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। लोगों का कहना है कि केंदुआडीह की यह स्थिति न सिर्फ बीसीसीएल की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

