चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा बाजार स्थित डिपासाईं बस्ती से विस्थापित किए गए कुछ परिवारों को गुवा सेल प्रबंधन द्वारा नुईया गांव स्थित रेलवे साइडिंग के समीप नए घर आवंटित किए गए हैं। एक ओर जहां इन परिवारों को सिर पर छत मिल गई है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने उनकी जिंदगी को और अधिक कठिन बना दिया है।
नुईया गांव स्थित रेलवे साइडिंग के समीप आवंटित किए गए घरों में सबसे बड़ी समस्या बिजली की है, जो आज के दौर में एक मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है।

5400 रुपये जमा करने के बाद ही मिलेगा कनेक्शन
विस्थापितों परिवार के सदस्यों का कहना है कि नए आवंटित घरों में अब तक बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया है। जब उन्होंने इस संबंध में पहल की, तो विद्युत विभाग के एसडीओ शंकर सैवईया (डीवीसी, नोवामुंडी) द्वारा प्रति घर 5400 रुपये जमा करने के बाद ही बिजली की नया कनेक्शन देने की बात कही गई है।
रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए कर रहे संघर्ष
गरीब परिवारों के लिए यह राशि काफी बड़ी है। कई परिवारों ने बताया कि वे पहले से ही रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में इतनी बड़ी रकम जमा करना उनके लिए संभव नहीं है। हालात ऐसे हैं कि अधिकांश लोग मजबूरी में अंधेरे में ही जीवन यापन करने को विवश हैं।
छत तो मिली लेकिन जरूरी सुविधाओं की अनदेखी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें घर तो दे दिया गया, लेकिन जरूरी सुविधाओं की अनदेखी की गई है। बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में उनका जीवन पहले से भी ज्यादा कठिन और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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