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Jamshedpur News : टाटा स्टील की कैंटीन व्यवस्था पर विवाद गहराया, यूनियन सहायक सचिव नितेश राज ने दी इस्तीफे की चेतावनी

पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग,10 से 15 दिनों में समाधान नहीं होने पर सीसीएमसी की जिम्मेदारी छोड़ने का ऐलान

by Arvind Shrivastava
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Jamshedpur : देश की प्रमुख इस्पात कंपनियों में शामिल टाटा स्टील की सेंट्रल कैंटीन में नई व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कैंटीन में बढ़ती भीड़, अव्यवस्था और अधिकारियों की भोजन सब्सिडी बंद किए जाने के मुद्दे पर कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ने लगा है। इस मामले में अब यूनियन स्तर पर भी नाराजगी सामने आई है।

टाटा स्टील यूनियन के सहायक सचिव एवं सेंट्रल कैंटीन मैनेजिंग कमेटी (सीसीएमसी) के वाइस चेयरमैन नितेश राज ने यूनियन अध्यक्ष को पत्र लिखकर कैंटीन की मौजूदा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर समस्याओं का ठोस समाधान नहीं किया गया, तो वह कैंटीन मैनेजिंग कमेटी की जिम्मेदारी से इस्तीफा दे देंगे।

कैंटीन में बढ़ती भीड़ से बिगड़ी व्यवस्था

नितेश राज ने अपने पत्र में कहा है कि पिछले कुछ दिनों से सेंट्रल कैंटीन में अत्यधिक भीड़ के कारण भोजन वितरण की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कैंटीन खुलने के शुरुआती समय में ही कर्मचारियों की भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने बताया कि व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई कर्मचारी कैंटीन जाने से भी कतरा रहे हैं। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पिछले दिनों कुछ कर्मचारियों को कैंटीन में भोजन तक उपलब्ध नहीं हो सका।

अलग-अलग कैंटीन व्यवस्था खत्म होने से बढ़ी परेशानी

नितेश राज के अनुसार, पहले टाटा स्टील में स्थायी कर्मचारियों और ठेका कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कैंटीन की व्यवस्था थी। इससे दोनों वर्गों के कर्मचारियों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने में सुविधा होती थी।

हालांकि, हाल में अधिकारियों की सब्सिडी बंद होने के बाद अधिकारी वर्ग ने भी कैंटीन से दूरी बना ली है। इसके बाद नई व्यवस्था के तहत कैंटीन में भीड़ और अव्यवस्था की समस्या और गंभीर हो गई है।

नई व्यवस्था लागू होने से पहले जताई थी आपत्ति

नितेश राज ने अपने पत्र में दावा किया है कि कैंटीन की नई व्यवस्था लागू होने से दो दिन पहले ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से संबंधित लोगों से मिलकर संभावित समस्याओं की जानकारी दी थी।

उनका आरोप है कि उस समय उनकी आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद कैंटीन में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।

पुरानी व्यवस्था बहाल करने और सब्सिडी शुरू करने की मांग

नितेश राज ने यूनियन अध्यक्ष से इस मामले में उच्च प्रबंधन के साथ जल्द बातचीत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि स्थायी कर्मचारियों, अधिकारियों और वेंडर कर्मचारियों के लिए पहले की तरह अलग-अलग भोजन व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।

इसके साथ ही अधिकारियों की बंद की गई भोजन सब्सिडी को दोबारा शुरू करने की मांग भी उठाई गई है। उनका मानना है कि इन कदमों से कैंटीन में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और कर्मचारियों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

15 दिनों में समाधान नहीं तो छोड़ेंगे जिम्मेदारी

कैंटीन व्यवस्था को लेकर नितेश राज ने समयसीमा तय करते हुए कहा है कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। यदि इस अवधि में प्रबंधन और यूनियन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होती है, तो वह सेंट्रल कैंटीन मैनेजिंग कमेटी की जिम्मेदारी छोड़ने को विवश होंगे।

टाटा स्टील की कैंटीन व्यवस्था को लेकर उठे इस विवाद ने कर्मचारियों की भोजन सुविधा और प्रबंधन की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस मामले में यूनियन और उच्च प्रबंधन की अगली पहल पर कर्मचारियों की नजरें टिकी हुई हैं।

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