नई दिल्ली : दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ हो रही ईव टीजिंग और उत्पीड़न पर नियंत्रण लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। इस पहल का नाम ‘शिष्टाचार स्क्वायड’ रखा गया है, जो यूपी के एंटी रोमियो स्क्वायड की तर्ज पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। शिष्टाचार स्क्वायड का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली असंवेदनशील और आपत्तिजनक हरकतों पर कड़ी नजर रखना है और ऐसी घटनाओं की रोकथाम करना है।
स्क्वायड की संरचना
दिल्ली पुलिस ने शिष्टाचार स्क्वायड को हर जिले में तैनात करने की योजना बनाई है। प्रत्येक जिले में दो शिष्टाचार स्क्वायड बनाए जाएंगे और इन्हें विशेष रूप से ASP (एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस) के नेतृत्व में कार्य करने के लिए नियुक्त किया जाएगा। इन स्क्वायड्स में एक इंस्पेक्टर, एक सब-इंस्पेक्टर, 8 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल तैनात होंगे, जिनमें से चार महिला पुलिसकर्मी होंगी। इसके अतिरिक्त, स्पेशल यूनिट से एक पुलिसकर्मी भी तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए साथ में रहेगा। इस प्रकार, यह स्क्वायड महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक मजबूत और सक्षम टीम बनेगा।
गश्त और संवेदनशील इलाकों में तैनाती
शिष्टाचार स्क्वायड के पास गश्त के लिए वाहन होंगे, जिसमें कार और दोपहिया वाहन शामिल होंगे। यह स्क्वायड दिल्ली के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं का ज्यादा खतरा होता है। विशेष बात यह है कि स्क्वायड के सदस्य सिविल ड्रेस में तैनात होंगे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहेगी और वे अपराधियों पर नजर रखने में ज्यादा सक्षम होंगे।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में निरीक्षण
इस स्क्वायड का एक और महत्वपूर्ण कार्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुरक्षा है। यह स्क्वायड डीटीसी बसों, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों में औचक निरीक्षण करेगा। वे बस चालकों, कंडक्टरों और यात्रियों से संवाद करेंगे और महिलाओं को उत्पीड़न या असहज स्थिति में होने पर शिकायत दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इसके साथ ही, वे RWA (रेजिडेंट वेलफेयर असोसिएशन) और स्थानीय वालंटियर के संपर्क में भी रहेंगे, ताकि वे संभावित संवेदनशील इलाकों की जानकारी प्राप्त कर सकें और तत्परता से कार्रवाई कर सकें।
रिपोर्टिंग और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी
शिष्टाचार स्क्वायड को हर हफ्ते अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को देनी होगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह पहल प्रभावी है, दिल्ली पुलिस अकादमी ने सभी तैनात कर्मियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया है। इस प्रशिक्षण में उन्हें विभिन्न प्रकार के अपराधों, सुरक्षा उपायों और महिलाओं के अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाएगी। डीसीपी (जिला) यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी स्क्वायड सदस्य इस संरचित प्रशिक्षण से गुजरें, ताकि उनकी दक्षता और प्रभावशीलता में वृद्धि हो सके।
शिष्टाचार स्क्वायड का महत्व
दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि के कारण इस प्रकार के स्क्वायड की आवश्यकता महसूस हो रही थी। शिष्टाचार स्क्वायड का गठन महिलाओं की सुरक्षा के प्रति दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। यह पहल न केवल अपराधियों को कड़ा संदेश भेजेगी, बल्कि महिलाओं को भी यह विश्वास दिलाएगी कि दिल्ली में उनके लिए सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है।

