रांची : रांची के चर्चित सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय कुमार महतो की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने कोर्ट में अपनी क्लोजर रिपोर्ट (जांच बंद करने की रिपोर्ट) दाखिल की थी, जिसका विनय के पिता मनबहाल महतो ने विरोध किया है। उन्होंने सीबीआई की जांच पर असंतोष जताते हुए एसडीजेएम (सब-डिवीजनल जुडिशियल मजिस्ट्रेट) की अदालत में एक ‘प्रोटेस्ट पिटीशन’ (विरोध याचिका) दायर की है।
गुरुवार को इस विरोध याचिका पर कोर्ट में आंशिक सुनवाई हुई। विनय के पिता के वकील ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। इस मामले की अगली सुनवाई 12 जून (शुक्रवार) को भी जारी रहेगी।
ऐसे समझिए पूरा मामला
मामला करीब 10 साल पुराना है। 5 फरवरी 2016 की रात को सफायर इंटरनेशनल स्कूल के कैंपस में 13 साल के छात्र विनय महतो की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी। शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने इस मामले की जांच की थी। पुलिस ने दावा किया था कि यह प्रेम प्रसंग का मामला था और स्कूल की ही एक शिक्षिका के नाबालिग बेटे को आरोपी बनाया था।
हालांकि,पुलिस की इस थ्योरी से असंतुष्ट होकर विनय के पिता मनबहाल महतो ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सीबीआई जांच की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने जुलाई 2022 में यह केस सीबीआई को सौंप दिया था।
सीबीआई की रिपोर्ट में क्या है
सीबीआई ने करीब चार साल तक इस मामले की तकनीकी और वैज्ञानिक पहलुओं से जांच की। जांच के बाद सीबीआई ने अदालत में जो रिपोर्ट सौंपी, उसमें चौंकाने वाला दावा किया गया। सीबीआई का कहना है कि विनय की हत्या या इसके पीछे किसी साजिश का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। जांच एजेंसी ने इसे एक ‘एक्सीडेंटल डेथ’ यानी एक हादसा होने की संभावना जताई है और कोर्ट से इस केस को बंद करने का अनुरोध किया है।
सीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना की रात 1:01 बजे विनय अपने हॉस्टल से बाहर निकला था और उसके ठीक 3 मिनट 48 सेकंड बाद (1:05 बजे) वह स्टाफ क्वार्टर की इमारत से नीचे गिर गया। हॉस्टल से स्टाफ क्वार्टर की दूरी करीब 480 मीटर है। सीबीआई का तर्क है कि इतने कम समय में किसी व्यक्ति द्वारा विनय को जबरन वहां ले जाना या उसके साथ मारपीट होना मुमकिन नहीं लगता। सीसीटीवी फुटेज में भी विनय का पीछा करता हुआ कोई नहीं दिखा।
पिता को क्यों है आपत्ति
विनय के पिता इस बात को मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं कि उनके बेटे की मौत महज़ एक हादसा थी। उनका मानना है कि जांच में कई खामियां हैं। इससे पहले, सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट ने विनय के पिता को नोटिस जारी कर 15 जून 2026 तक अपना पक्ष रखने को कहा था। इसी के तहत उन्होंने अब कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई की रिपोर्ट को चुनौती दी है और न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि अदालत इस पर क्या फैसला लेती है।

