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Latehar Religious Conversion : धर्म परिवर्तन के बाद डर से गांव छोड़ने को मजबूर हुए चार परिवार

by Rakesh Pandey
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Latehar (Jharkhand) : झारखंड के लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र स्थित हाटा गांव से एक चिंताजनक मामला प्रकाश में आया है। यहां धर्म परिवर्तन करने वाले चार परिवारों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए गांव छोड़ दिया है। इन परिवारों का कहना है कि गांव के कुछ लोग उन्हें लंबे समय से निशाना बना रहे थे। इसी डर से वे पिछले 15 दिनों से अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। हालांकि, गांव के अन्य निवासियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक मामूली विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की साजिश बताया है।

चंदा मांगने से शुरू हुआ विवाद, उत्पीड़न तक पहुंचा

पीड़ित श्याम देव उरांव के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ सरहुल पर्व के दौरान चंदा मांगने की घटना है। उन्होंने बताया कि जब उनसे चंदा मांगा गया तो उस समय उनके पास पैसे नहीं थे, जिसके कारण उन्होंने चंदा देने में असमर्थता जताई। इसी बात पर कुछ ग्रामीण भड़क उठे और मामूली कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। श्याम देव का दावा है कि इस घटना के बाद गांव के कुछ लोगों ने रात में उन्हें और अन्य धर्मांतरित परिवारों को निशाना बनाने की योजना बनाई, जिसकी जानकारी मिलते ही वे अपनी सुरक्षा के लिए रातोंरात गांव छोड़कर भाग गए।

10 साल पहले बदला धर्म, अब बन रहे निशाना

धर्म परिवर्तन करने वाले इन चार परिवारों में से कई ने लगभग एक दशक पहले ही अपना नया धर्म अपनाया था। श्याम देव के मुताबिक, पहले गांव के कुल छह परिवारों ने धर्म परिवर्तन किया था, जिनमें से दो परिवार बाद में अपने पुराने धर्म में वापस लौट गए। लेकिन जो परिवार अब भी अपने नए धर्म पर अडिग हैं, उन्हें कथित तौर पर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। एक अन्य पीड़ित, नागेश्वर उरांव ने बताया कि विवाद भले ही एक परिवार के साथ शुरू हुआ, लेकिन हमलावर चारों परिवारों को निशाना बना रहे थे।

ग्रामीणों ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, गांव के कई अन्य लोगों ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक सामान्य झगड़ा था, जिसे कुछ लोग बेवजह सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि धर्म परिवर्तन को लेकर गांव में कभी किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं हुई और यह सारा विवाद एक सोची-समझी साजिश के तहत फैलाया जा रहा है ताकि गांव की छवि को खराब किया जा सके। कुछ ग्रामीणों ने तो यह भी आरोप लगाया कि बाहरी तत्व इस विवाद को और भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

जांच की तैयारी में प्रशासन

मनिका थाना प्रभारी शशि कुमार ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद चंदा मांगने को लेकर हुआ था, जिसे गांव की बैठक में आपसी सहमति से सुलझा लिया गया था। लेकिन अब चार परिवारों द्वारा गांव छोड़ने की बात सामने आई है, जिसकी गहन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस सभी पक्षों से बात कर सच्चाई का पता लगाने में जुटी है।

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