पलामू: एक साथ चार छोटी-छोटी बच्चियों के शव को देखकर हर किसी का कलेजा फटा जा रहा था। किसे पता था कि स्कूल में पढ़ने गईं ये बच्चियां कभी लौटकर वापस नहीं आएंगी। डोभा में डूबने से इन सभी की मौत हो गई। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। चारों ओर इस हृदयविदारक घटना की ही चर्चा है।
सभी बच्चियां 8 से 10 वर्ष के बीच
चारों बच्चियां पलामू जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सरजा गांव के एक सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। घटना गुरुवार के शाम की है। सभी छात्राओं की उम्र 8 से 10 साल के बीच की बताई जा रही है। सभी शवों को रात के समय ही डोभा से बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस ने शवों को अंत्यपरीक्षण के लिए भेजा
जिन बच्चियों की डोभा में डूबने से मौत हो गई उनके नाम सलमी तोपनों, छाया कुमारी, आराधना कुमारी व पूजा हैं। गांव के लोगों ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस कर रही छानबीन
घटना के बाद मौके पर पहुंचे रामगढ़ थाने के पभारी प्रभात रंजन राय स्कूल प्रबंधन व बच्चियों के परिजनों से घटना की जानकारी ली। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
शाम तक वापस नहीं लौटने पर शुरू हुई तलाश
गुरुवार की शाम तक जब चारों बच्चियां स्कूल से वापस नहीं लौटीं तो परिजनों को उनकी चिंता हुई। इसके बाद परिजनों द्वारा लापता बच्चों खोजबीन शुरू की गई। इस खोजबीन के क्रम में ही पता चला कि अंतिम बार इन बच्चियों को स्कूल के निकट एक डोभा के पास देखा गया था। जब डोभा में तलाश की गई तो उनके शव मिले। रात करीब 9 बजे इनके शवों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाल लिया गया।
जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर है घटनास्थल
इस संबंध में थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस हादसे के सभी बिंदुओ पर जांच कर रही है। घटनास्थल जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर है। इधर, शवों को डोभा से निकाले जाने के बाद स्वजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।

