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​Jharkhand Politics: आदिवासी चेहरा, जमीनी पकड़…जानिए झारखंड भाजपा के नए प्रभारी गजेंद्र पटेल का राजनीतिक सफरनामा

​संघ की शाखा से संसद तक का सफर, मध्य प्रदेश के सांसद गजेंद्र पटेल को मिली झारखंड भाजपा की कमान

by Kanchan Kumar
Gajendra Patel Jharkhand BJP Incharge
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रांची : भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने कई राज्यों के लिए नए प्रभारियों के नामों का ऐलान कर दिया है। इस नई सूची में झारखंड की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता गजेंद्र सिंह पटेल को दी गई है।

​पार्टी ने उनके साथ सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह को झारखंड का सह-प्रभारी बनाया है। गजेंद्र पटेल की यह नियुक्ति झारखंड में संगठन को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। आइए जानते हैं कि कौन हैं गजेंद्र पटेल और भाजपा ने उन पर इतना बड़ा दांव क्यों खेला है।​

बड़वानी के रहने वाले हैं गजेंद्र पटेल

​गजेंद्र सिंह पटेल मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। उनका जन्म 16 फरवरी 1975 को बड़वानी जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम उमराव सिंह पटेल और माता का नाम सुशीला बाई पटेल है। ​शिक्षा की बात करें तो उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है। पेशे से किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले गजेंद्र पटेल शादीशुदा हैं। उनकी पत्नी का नाम बसंती पटेल है और उनके दो बेटे हैं।

​संघ की शाखा से शुरू हुआ सफर

​गजेंद्र पटेल का राजनीतिक सफर अचानक शुरू नहीं हुआ। वे बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं में जाते रहे हैं। ​1990 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने छात्र राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद वे भाजयुमो, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा में सक्रिय रहे।

2017 में वे मध्य प्रदेश भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। वर्ष 2021-22 में उन्होंने भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में भी काम किया।

​संसद में 97% उपस्थिति और जनहित के मुद्दे पर मुखर

​गजेंद्र पटेल लगातार दूसरी बार खरगोन लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। इससे पहले 2019 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की थी। वे भगवानपुरा सीट से विधायक भी रह चुके हैं। ​संसद में उनका प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। उनकी उपस्थिति करीब 97 प्रतिशत रही है। संसद में उन्होंने आदिवासी इलाकों की रेल कनेक्टिविटी, सड़कें, मोबाइल नेटवर्क और अस्पतालों के मुद्दे प्रमुखता से उठाए हैं। वे सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों और जैविक खेती को लेकर लगातार मुखर रहे हैं।

​झारखंड में क्यों मिली बड़ी जिम्मेदारी?

​भाजपा संगठन में हाल ही में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री का अहम पद दिया गया था। अब उन्हें झारखंड का प्रभारी बनाया गया है। ​झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है। गजेंद्र पटेल खुद एक बड़े आदिवासी नेता हैं और उनकी जनजातीय इलाकों में गहरी पकड़ है। लंबे संगठनात्मक अनुभव और जमीनी काम को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी दी है ताकि झारखंड में भाजपा संगठन को नई ऊर्जा मिल सके।

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