गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले में पुलिस एवं प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा अवैध बालू का काला खेल अब मासूम जिंदगियां निगलने लगा है। बुधवार की रात करीब 10.30 बजे गढ़वा थाना क्षेत्र के महुलिया पंचायत में काल बनकर दौड़े एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने दो युवकों की जान ले ली। राॅन्ग साइड से आए तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने सड़क किनारे खड़े दो युवकों को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि पूरे गांव में मातम पसर गया। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
हादसे की भयावहता : मोपेड के पास खड़े थे युवक
जानकारी के अनुसार, महुलिया निवासी राहुल चौधरी (26) और नंदलाल राम (31) बुधवार रात करीब 10:30 बजे महुलिया स्कूल के पास अपनी मोपेड के साथ खड़े थे। वे लोग अंबेडकर जयंती को लेकर आयोजित जुलूस में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे। बताया गया कि इस दौरान वहां खड़े होकर दोनों आपस में बातचीत कर ही रहे थे कि तभी अंधेरे को चीरती हुई तेज रफ्तार ट्रैक्टर (संख्या जेएच 14 के 5795) बालू अनलोड कर वापस लौट रहा था। इस दौरान गलत दिशा से काल बनकर आए ट्रैक्टर ने दोनों युवकों को चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहुल चौधरी ने घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल नंदलाल राम को जब तक ग्रामीण सदर अस्पताल लेकर पहुंचते, रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं।
अवैध बालू का खेल : रात होते ही सरपट दौड़ते हैं ट्रैक्टर
इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के 9 बजते ही गांव से लेकर शहर तक की सड़कों पर बालू माफियाओं का कब्जा हो जाता है। बिना बंदोबस्ती वाले घाटों से बालू का अवैध उठाव कर उसे ऊंचे दामों पर बेचने की होड़ में ट्रैक्टर चालक वाहनों को अंधाधुंध रफ्तार से दौड़ाते हैं। अधिक फेरे लगाने और ज्यादा कमाई के चक्कर में ये चालक यातायात नियमों को ताक पर रख देते हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासन मौन, माफिया बेखौफ
महुलिया पंचायत की मुखिया के पति विरेंद्र राम ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों मृतक उनके ही गांव के थे। जबकि ग्रामीणों ने सीधे तौर पर बेलगाम ट्रैक्टरों को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि अवैध बालू ढुलाई से न केवल सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है, बल्कि रात भर ट्रैक्टरों की ‘हड़हड़ाहट’ से लोगों का सोना दूभर हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि रात भर सड़कों पर दौड़ते ये ‘अवैध बालू परिवहन करते वाहन’ पुलिस और प्रशासन की नजरों से कैसे ओझल हैं?
पुलिस कर रही ट्रैक्टर चालक की तलाश
हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर गढ़वा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को थाना ले जाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस का विरोध किया और ट्रैक्टर को घटनास्थल से जाने नहीं दिया। इधर, पुलिस ने गढ़वा सदर अस्पताल में पहुंचकर दोनों युवकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की तैयारी में जुट गई है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक बालू के अवैध परिवहन पर पूर्णतः रोक नहीं लगेगी, तब तक ऐसे हादसे नहीं रुकेंगे।
घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
राहुल और नंदलाल दोनों ही युवा थे। उन पर अपने परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी थी। लेकिन, उनकी असमय मौत ने परिवार का सहारा छीन लिया है। ट्रैक्टर चालक की लापरवाही भरी ड्राइविंग के कारण एक साथ दो युवकों की मौत की खबर से महुलिया गांव के लोगों में आक्रोश है। मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और अवैध बालू ढुलाई पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।

