गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार देर रात गिरिडीह केंद्रीय कारा में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। उपायुक्त (जिलाधिकारी) रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के नेतृत्व में हुई इस विशेष कार्रवाई के दौरान जेल परिसर के सभी वार्डों, बैरकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने लगभग दो घंटे तक कारा परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया।
अधिकारियों के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना, किसी भी संभावित सुरक्षा खामी का पता लगाना तथा प्रतिबंधित या गैरकानूनी सामग्री की मौजूदगी की जांच करना था। छापेमारी के दौरान पुरुष एवं महिला दोनों वार्डों में अलग-अलग टीमों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
गिरिडीह केंद्रीय कारा में सभी वार्डों की हुई जांच
विशेष अभियान के तहत पुरुष वार्ड के सभी पांच ब्लॉकों में स्थित 20 वार्डों की विस्तार से तलाशी ली गई। बंदियों के रहने वाले कमरों, बैरकों और आसपास के परिसर की बारीकी से जांच की गई। प्रत्येक वार्ड में बंदियों की उपस्थिति, सुरक्षा मानकों और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।
महिला वार्ड की तलाशी महिला अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों की टीम ने की। इस दौरान महिला बंदियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि तलाशी अभियान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित हो।
सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी और मुलाकात प्रणाली की समीक्षा
छापेमारी अभियान के दौरान अधिकारियों ने केवल तलाशी तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि जेल प्रशासन की समग्र कार्यप्रणाली का भी आकलन किया। निरीक्षण के दौरान संतरी व्यवस्था, सुरक्षा ड्यूटी की प्रणाली, मुलाकात के नियम, जेल परिसर में पेयजल की उपलब्धता तथा सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता की जांच की गई।
इस अवसर पर एसडीएम श्रीकांत विस्पुते ने भी जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने यह देखा कि सुरक्षा कर्मियों की तैनाती किस प्रकार की गई है, ड्यूटी रोटेशन कैसे संचालित हो रहा है और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
जेल अधीक्षक को दिए गए आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के बाद उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने जेल अधीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने, निगरानी प्रणाली को प्रभावी बनाने तथा जेल संचालन में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर बल दिया। उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि इस प्रकार की नियमित जांच का उद्देश्य कारा परिसर को सुरक्षित बनाए रखना और किसी भी संभावित जोखिम की समय रहते पहचान करना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है और आवश्यक सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस विशेष छापेमारी अभियान में प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्रवाई में दंडाधिकारी बिनोद सिंह, डीएसपी-वन नीरज कुमार सिंह, एसडीपीओ सदर जीतबाहन उरांव, एसडीपीओ डुमरी आबिद खान, बीडीओ गणेश रजक तथा सीओ जितेंद्र प्रसाद ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके अलावा मुफस्सिल थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो, नगर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर रतन कुमार सिंह, इंस्पेक्टर कमलेश पासवान और पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार भी अभियान में मौजूद रहे। ताराटांड़, गांडेय और अहिल्यापुर थाना क्षेत्रों के पुलिस पदाधिकारियों ने भी तलाशी अभियान में सहयोग किया।
जेल सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर
गिरिडीह केंद्रीय कारा में चलाया गया यह अभियान प्रशासन की सुरक्षा को लेकर गंभीरता को दर्शाता है। हाल के वर्षों में जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न जिलों में समय-समय पर औचक निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाए जाते रहे हैं। ऐसे अभियानों का उद्देश्य जेल परिसर में अनुशासन बनाए रखना, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करना होता है।
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