
गिरिडीह : गिरिडीह साइबर थाना पुलिस ने शुक्रवार को साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। साइबर ठग एक जगह बैठकर लोगों को ऑनलाईन ठगी का शिकार बना रहे थे। पुलिस ने छापेमारी कर पांच ठगों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से ठगी में प्रयुक्त होने वाले सामान भी बरामद किए गए हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ताराटांड़ थाना क्षेत्र स्थित एक मिडिल स्कूल के समीप जंगल में पहुंची। वहां एकत्र 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से ठगी में चार मोटरसाइकिल, 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी। बताया कि साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि ताराटांड़ थाना क्षेत्र के जंगल में कुछ युवक साइबर ठगी की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद गठित टीम ने छापेमारी की। पांचों आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
अवैध लेनदेन का पता लगा रही पुलिस
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान ताराटांड़ थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी जनार्दन मंडल, अशोक मंडल, बबलू कुमार मंडल, अशोक कुमार और विष्णु कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर जांच शुरू कर दी है। बरामद डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर पता लगाया जाएगा कि गिरोह ने किन-किन लोगों को ठगी का शिकार बनाया और अवैध राशि का लेन-देन किस माध्यम से किया गया।
एसपी ने के अनुसार प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य फर्जी लिंक भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। लिंक पर क्लिक कराने के बाद वे बैंक खातों, ओटीपी और डिजिटल भुगतान से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है।
साइबर अपराध में पहले भी जा चुके हैं जेल
गिरफ्तार ठगों में अशोक मंडल और बबलू कुमार मंडल पूर्व में भी साइबर अपराध के दो अलग-अलग मामलों में जेल जा चुके हैं। जेल से रिहा होने के बाद दोनों ने दोबारा ठगी का नेटवर्क सक्रिय कर लिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार यही दोनों गिरोह का संचालन कर रहे थे और अन्य सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिलाते थे।
पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास, बैंक खातों, मोबाइल डेटा, डिजिटल लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह का नेटवर्क झारखंड के अलावा अन्य किन-किन राज्यों तक फैला है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्रेसवार्ता में पुलिस उपाधीक्षक रूपेंद्र राणा एवं साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत भी उपस्थित थे।

