Chaibasa (Jharkhand) : चाईबासा सदर अस्पताल में अपनी चार वर्ष की बच्ची का शव मजबूरन थैले में रख कर नोवामुंडी प्रखंड स्थित दूरस्थत बालजोड़ी गांव ले जाने की एक पिता की विवशता को भाजपा ने गंभीरता से लिए है। इसके खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम जिला भाजपा (BJP) ने रविवार को सदर अस्पताल परिसर में जमकर धरना-प्रदर्शन किया।
इलाज तो दूर, शव तक सम्मान के साथ नसीब नहीं : गीता कोड़ा
धरना-प्रदर्शन में पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने राज्य सरकार और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी हितों की बात करती है, लेकिन हकीकत यह है कि आदिवासी परिवारों को इलाज तो दूर, शव तक सम्मान के साथ नसीब नहीं हो पा रहा है। यह सरकार और स्वास्थ्य विभाग की पूरी तरह विफलता है।
डीटीओ ऑफिस के रिकार्ड का हवाला
डीटीओ ऑफिस से प्राप्त एक जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने उन्होंने कहा कि जिले में 40 एंबुलेंस और 2 शव वाहन उपलब्ध हैं, जबकि सदर अस्पताल प्रबंधन केवल 20 एंबुलेंस होने की बात कह रहा है। इतने बड़े जिले के लिए प्रभावी रूप से एक ही शव वाहन संचालित है। उन्होंने कहा कि कागजात या आंकड़ों में संसाधनों की उपलब्धता दर्ज हैं, तो मरीजों व मृतकों के परिजनों को सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं?
हाल में मिला फंड, व्यवस्था जस की तस
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में सभी अस्पतालों के लिए फंड का आवंटन किया गया, बावजूद व्यवस्था जस की तस हैं, जो गंभीर भ्रष्टाचार और मिलीभगत की ओर इशारा करती है। गीता कोड़ा ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण ही आदिवासी परिवारों को इस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है।
ये हुए शामिल
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने किया। इसमें राकेश, बबलू शर्मा, मुकेश सिंह, भूषण पाट पिंगुवा, गीता बलमुचु, सुमन गागराई, राकेश पोद्दार, प्रताप कटियार, रूप दास, राजश्री बानरा, कामेश्वर विश्वकर्मा, अंगद साव समेत जिला भाजपा के सभी पदाधिकारी एवं अनेक कार्यकर्ता शामिल हुए।

