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Cyber Fraud: गूगल से डॉक्टर का नंबर निकालना पड़ा महंगा! साइबर ठगों ने अपनाए ऐसे पैंतरे कि बैंक अकाउंट हो गया खाली ​

हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलने के लिए ऑनलाइन नंबर खोज रहे सतीश गिरजा को ठगों ने बनाया निशाना। फर्जी ऐप और ₹5 के यूपीआई पेमेंट के जरिए ठगी की गई। साइबर थाने में शिकायत दर्ज।

by Kanchan Kumar
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रांची: ​आजकल डिजिटल दुनिया में सुविधा जितनी बढ़ रही है, साइबर ठगों का महाजाल भी उतना ही खतरनाक होता जा रहा है। झारखंड के हजारीबाग से एक ऐसा ही आंखें खोल देने वाला मामला सामने आया है। डॉक्टर से मिलने का अपॉइंटमेंट लेना एक शख्स को भारी पड़ गया। सिर्फ 5 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करने के चक्कर में पीड़ित के बैंक खाते से 77,500 रुपये गायब हो गए। इस सनसनीखेज मामले में नवभारत जागृति केंद्र के संस्थापक सचिव सतीश गिरजा ने हजारीबाग साइबर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

​ऐसे बिछाया गया ठगी का जाल

​घटना 13 अक्टूबर की है। सतीश गिरजा को रांची के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत नारायण से परामर्श के लिए मिलना था। इसके लिए उन्होंने अपने एक परिचित से डॉक्टर का नंबर मांगा। परिचित ने गूगल पर खोजकर एक मोबाइल नंबर दिया और कहा कि इस पर बात करके डॉक्टर के निजी सहायक सुनील से संपर्क किया जा सकता है।
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जब सतीश जी ने उस नंबर पर फोन किया, तो सामने वाले ने बड़े शातिर तरीके से भरोसा जीता। उसने कहा कि अपॉइंटमेंट की सामान्य फीस एक हजार रुपये है, लेकिन अभी एक विशेष ऑफर के तहत मात्र पांच रुपये देकर बुकिंग हो जाएगी। ठग ने झांसे में लेकर उनके मोबाइल पर एक थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड करने का लिंक भेज दिया।

​चुटकी भर में उड़े पैसे, शाम को हुई डॉक्टर से बात नहीं

​ठग के कहे अनुसार पीड़ित ने ऐप इंस्टॉल किया और क्यूआर कोड के जरिए गूगल पे से 5 रुपये का यूपीआई पेमेंट कर दिया। पिन डालते ही उनका काम पूरा हो गया और वे अपने बाकी जरूरी कामों में व्यस्त हो गए। उस दिन डॉक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी।
​असली खेल अगली सुबह तब सामने आया जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जांच की। खाते से एक के बाद एक पांच अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए बड़ी रकम गायब हो चुकी थी।19 हजार, 18 हजार, 16 हजार, 15 हजार और 9,500 रुपये! इस तरह कुल 77,500 रुपये की चपत लग चुकी थी।

​साइबर थाने में मामला दर्ज, पुलिस की तलाश जारी

​इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ऑनलाइन किसी अनजान लिंक पर भरोसा करना या बिना जांच-पड़ताल के कोई भी ऐप डाउनलोड करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। पीड़ित ने साइबर थाने में लिखित शिकायत देकर ठगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। पुलिस अब इस मामले की तकनीकी जांच में जुट गई है।

ऐसे बरतें ​विशेष सावधानी

यदि आप भी ऑनलाइन माध्यमों से डॉक्टर, होटल या किसी भी सेवा का नंबर खोजते हैं, तो अत्यधिक सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में कोई रिमोट या संदिग्ध ऐप डाउनलोड न करें और न ही कभी अनजान लिंक के जरिए पेमेंट करें।

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