
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत मां रूपी सोरेन का दशकर्म शनिवार, 17 अक्टूबर को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में किया जाएगा। इस अवसर पर परिवार के सदस्य पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मृत्यु के बाद किए जाने वाले धार्मिक संस्कारों को पूरा करेंगे। रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार में शोक का माहौल है। परिवार के लिए यह समय अपनी मां और परिजन को खोने के दुख के बीच परंपराओं के निर्वहन का है।
नेमरा गांव में दशकर्म की तैयारियों और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप रस्में पूरी की जाएंगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां के निधन के बाद परिवार की ओर से अंतिम संस्कार से जुड़ी प्रक्रियाएं परंपरागत तरीके से निभाई जा रही हैं। शनिवार को होने वाला दशकर्म इसी क्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रूपी सोरेन का दशकर्म आज, नेमरा में निभाई जाएंगी धार्मिक परंपराएं
रामगढ़ जिले का नेमरा गांव सोरेन परिवार का पैतृक गांव है। रूपी सोरेन के दशकर्म के लिए इसी गांव में धार्मिक रस्में आयोजित की जाएंगी। हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति के निधन के बाद निर्धारित रीति-रिवाजों के अनुसार विभिन्न संस्कार किए जाते हैं। दशकर्म भी इन्हीं संस्कारों में शामिल है, जिसके तहत परिवार के सदस्य धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप विधियां पूरी करते हैं।
दशकर्म के दौरान परिवार के सदस्य परंपरा के अनुसार निर्धारित अनुष्ठानों में शामिल होते हैं। इन रस्मों का उद्देश्य दिवंगत व्यक्ति के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना और पारिवारिक एवं धार्मिक परंपराओं का पालन करना होता है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में इन संस्कारों की विधियों में अंतर हो सकता है।
रूपी सोरेन के दशकर्म को लेकर नेमरा गांव में होने वाली रस्में सोरेन परिवार की परंपराओं के अनुसार पूरी की जाएंगी। इस दौरान परिवार के सदस्य दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देंगे और धार्मिक विधियों का निर्वहन करेंगे।
मां रूपी सोरेन के निधन से शोक में सोरेन परिवार
रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार को गहरा दुख पहुंचा है। मां के निधन के बाद परिवार में शोक का माहौल है। इस कठिन समय में परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार से जुड़ी परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख स्थान रखते हैं। ऐसे में उनकी मां के निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी शोक का माहौल बना। हालांकि, दशकर्म से जुड़ी रस्में परिवार की धार्मिक परंपराओं के अनुसार नेमरा गांव में संपन्न की जाएंगी।
क्या होता है दशकर्म?
संताल परंपरा में भी मृत्यु के बाद किए जाने वाले संस्कारों में दशकर्म का विशेष महत्व माना जाता है। इन संस्कारों के अंतर्गत परिवार के सदस्य निर्धारित धार्मिक विधियों का पालन करते हैं। अलग-अलग समुदायों और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार रस्मों की प्रक्रिया में भिन्नता हो सकती है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का दशकर्म शनिवार, 17 अक्टूबर को नेमरा गांव में किया जाएगा। इस दौरान परिवार के सदस्य पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार धार्मिक रस्में पूरी करेंगे।

