
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत जैंतगढ़ थाना में रविवार देर शाम बालियापोसी गांव में बालू का अवैध तरीके से परिवहन कर रहे माफिया के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सामने से प्रशासनिक अधिकारियों का काफिला पहुंच गया। अधिकारियों की गाड़ी देखते ही पकड़े जाने के डर से ट्रैक्टर चालक और उस पर सवार मजदूर चलती गाड़ी से ही कूदकर भाग गए। चालक के हटने से बेकाबू हुआ ट्रैक्टर सीधे सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराया।
बेकाबू होकर खंभे से भिड़ा ट्रैक्टर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कॉलेज चुनाव की जिम्मेदारी निपटाकर चंपुआ भू-राजस्व पदाधिकारी सत्यव्रत साहू और एडिशनल भू-राजस्व पदाधिकारी वापस लौट रहे थे। इसी बीच वैतरणी नदी से अवैध रूप से उठाया गया बालू लादकर आ रहा एक ट्रैक्टर उनके सामने पड़ गया। अफसरों की गाड़ी देखते ही चालक और मजदूरों के हाथ-पांव फूल गए और वे चलती गाड़ी छोड़कर भाग खड़े हुए। बिना चालक के ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर जोरदार आवाज के साथ बिजली के पोल से टकरा गया।
बस्ती में जाने से रोका, एहतियातन बिजली काटी गई
टक्कर इतनी भीषण थी कि बिजली का खंभा पूरी तरह टूटकर गिर पड़ा। गनीमत यह रही कि ट्रैक्टर पास की रिहायशी बस्ती की तरफ नहीं मुड़ा, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय प्रशासन ने किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए तत्काल पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बंद करवा दी।
खनन विभाग को सौंपा गया वाहन
घटना के तुरंत बाद भू-राजस्व पदाधिकारी सत्यव्रत साहू ने बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया और इसकी सूचना स्थानीय पुलिस तथा खनन विभाग को दी। जब्त वाहन को अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया है। मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन और बालू का अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, तथा ऐसे माफियाओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

