
धनबाद : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) के परीक्षा को लेकर धनबाद जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए परीक्षा कार्य में लगाए जाने वाले शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की छुट्टियां रद करने की तैयारी है। इसके तहत 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को संबंधित कर्मचारियों को ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा। परीक्षा केंद्रों पर वीक्षकों की कमी दूर करने के लिए निजी विद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा कर्मचारियों की भी प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
झारखंड अधिविद्य परिषद की ओर से आयोजित होने वाली जेटेट परीक्षा नौ वर्ष के अंतराल के बाद हो रही है। राज्यभर में एक नवंबर को परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए कुल 986 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। अकेले धनबाद जिले में 109 केंद्रों पर लगभग 39 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने के कारण प्रशासन परीक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है।
धनबाद में जेटेट परीक्षा के लिए 109 केंद्र, 39 हजार अभ्यर्थी होंगे शामिल
धनबाद जिले में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था की जा रही है। 109 परीक्षा केंद्रों पर करीब 39 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के लिए केंद्रों पर पर्याप्त वीक्षक, कर्मचारियों की उपलब्धता और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए अहम है।
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए उपायुक्त स्तर से संबंधित शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के अवकाश रद करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था 31 अक्टूबर और 1 नवंबर के लिए लागू की जाएगी, ताकि परीक्षा से पहले की तैयारियों और परीक्षा वाले दिन किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
प्रशासन का जोर परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने पर है। परीक्षा कार्य में प्रतिनियुक्त कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से केंद्रों पर व्यवस्था संभालने में मदद मिलेगी।
सरकारी शिक्षकों के परीक्षा में शामिल होने से वीक्षकों की कमी की आशंका
जेटेट परीक्षा के दौरान वीक्षकों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन सकती है। जानकारी के अनुसार, राज्य के लगभग 35 हजार से 40 हजार सेवाकालीन सरकारी शिक्षक भी इस परीक्षा में अभ्यर्थी के रूप में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर वीक्षण कार्य के लिए शिक्षकों की कमी होने की आशंका है।
इस समस्या से निपटने के लिए सरकारी विद्यालयों के साथ निजी विद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा कर्मचारियों को भी परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाएगा। जरूरत के अनुसार उनकी प्रतिनियुक्ति कर परीक्षा केंद्रों पर वीक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
धनबाद में 39 हजार अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने के मद्देनजर यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती, समय पर उपस्थिति और जिम्मेदारियों का निर्वहन परीक्षा संचालन की तैयारियों का अहम हिस्सा होगा।
जेटेट परीक्षा में धांधली रोकने के लिए बनेगा साइबर सेल
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए जिला स्तर पर साइबर सेल के गठन और संचालन की व्यवस्था भी की जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा से संबंधित संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और धांधली की आशंका से जुड़े मामलों की निगरानी करना है।
साइबर सेल इंटरनेट मीडिया और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखेगा। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने की अफवाह, भ्रामक संदेशों के प्रसार और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर नजर रखने की योजना है। इससे परीक्षा से जुड़ी गलत सूचनाओं और संभावित अनियमितताओं पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है।
एक नवंबर को होगी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा
झारखंड अधिविद्य परिषद की ओर से जेटेट परीक्षा एक नवंबर को राज्यभर में आयोजित की जाएगी। राज्य में 986 केंद्र बनाए गए हैं, जबकि धनबाद में 109 केंद्रों पर लगभग 39 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की तैयारी के तहत संबंधित कर्मचारियों की छुट्टियां रद करने, निजी विद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों को वीक्षक के रूप में लगाने तथा साइबर निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।

