
Ranchi : झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों के बीच पुलिस की रिपोर्ट में राज्य में सक्रिय बचे इनामी नक्सलियों को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के दस्तावेजों के मुताबिक, एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा और असीम मंडल समेत कई
बड़े नक्सली कमांडरों की गिरफ्तारी, मुठभेड़ों में मौत और आत्मसमर्पण के बाद नक्सली संगठनों की ताकत काफी कमजोर हुई है। अब नितेश यादव, मनोहर गंझू और आरिफ उर्फ शशिकांत समेत 10 इनामी नक्सलियों के बचे होने का दावा किया गया है।
झारखंड पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर के संयुक्त अभियानों को नक्सल विरोधी कार्रवाई में अहम माना जा रहा है। इसके अलावा सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत कई नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बड़े इनामी नक्सली कमांडरों के खिलाफ कार्रवाई और हथियारों की बरामदगी से राज्य में नक्सली गतिविधियों का दायरा काफी सिमट गया है। हालांकि, बचे हुए नक्सलियों की मौजूदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए अब भी चुनौती बनी हुई है।
नितेश यादव पर 15 लाख रुपये का इनाम
रिपोर्ट में शामिल नक्सलियों में नितेश यादव उर्फ इरफान उर्फ नंदू का नाम प्रमुख है। वह भाकपा माओवादी संगठन से जुड़ा बताया गया है और मूल रूप से बिहार के गया जिले का निवासी बताया गया है। उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित होने की जानकारी दी गई है।
मनोहर गंझू उर्फ सोहन गंझू उर्फ दिनेश पर 10 लाख रुपये का इनाम बताया गया है। वह भाकपा माओवादी संगठन से जुड़ा है और लातेहार जिले का निवासी बताया गया है।
वहीं, आरिफ उर्फ शशिकांत उर्फ सुरेश पर 10 लाख रुपये का इनाम है। रिपोर्ट के अनुसार, वह टीपीसी उग्रवादी संगठन से जुड़ा है और पलामू जिले का निवासी है।
इन नक्सलियों पर भी घोषित है इनाम
रिपोर्ट में गोदराय यादव उर्फ संजय यादव का नाम भी शामिल है। वह भाकपा माओवादी संगठन से जुड़ा बताया गया है और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम है। इसके अलावा गढ़वा जिले के पंकज कोरवा और राजू भुइयां पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम बताया गया है।
पीएलएफआई से जुड़े बलराम लोहरा उर्फ जटु पर दो लाख रुपये का इनाम है। इसी संगठन के सामुएल बुध उर्फ समु पर एक लाख रुपये का इनाम बताया गया है। टीपीसी से जुड़े सुदेश गंझू उर्फ गुरुदेव पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित होने की जानकारी दी गई है।
नक्सल विरोधी अभियान जारी
झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी है। बड़े कमांडरों के खिलाफ कार्रवाई, आत्मसमर्पण और हथियारों की बरामदगी से नक्सली संगठनों पर दबाव बढ़ा है। इसके बावजूद शेष सक्रिय नक्सलियों की तलाश और उनके नेटवर्क को खत्म करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।
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