
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 के शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर एक अहम दिशा-निर्देश जारी किया है। 1 नवंबर को होने वाली इस परीक्षा की तैयारियों को देखते हुए जिले के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
31 अक्टूबर और 1 नवंबर को मुख्यालय छोड़ना मना
उपायुक्त मनीष कुमार के कार्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत 31 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को किसी भी तरह का आकस्मिक या दीर्घकालिक अवकाश स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान सभी संबंधित शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों को अनिवार्य रूप से अपने-अपने मुख्यालय क्षेत्र में ही उपस्थित रहने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
झारखंड अधिविद्य परिषद के निर्देश पर कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कदम झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC), रांची के सचिव द्वारा प्रेषित पत्र (संख्या 981, दिनांक 16 अक्टूबर 2026) के आलोक में उठाया गया है। 1 नवंबर को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा के सफल और बाधारहित प्रबंधन के लिए यह प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
इन विद्यालयों और कर्मियों पर लागू होगा फैसला
जारी आदेश के दायरे में निम्नलिखित को शामिल किया गया है।
1. परीक्षा केंद्राधीक्षक, प्रतिनियुक्त वीक्षक (इन्विजिलेटर) और परीक्षा प्रबंधन में लगे समस्त कर्मचारी।
2. जिले के सभी सरकारी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं प्लस टू (उच्चतर माध्यमिक) विद्यालयों के शिक्षक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारी।
3. जिले के अंतर्गत आने वाले सभी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी।
परीक्षार्थियों को मिली बड़ी राहत
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे शिक्षक या कर्मचारी जो स्वयं अभ्यर्थी के रूप में ‘झारखंड TET 2026’ की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, उन्हें इस प्रतिबंधात्मक आदेश से अलग रखा गया है। वे नियमानुसार परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
अनिवार्य पालन के सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि केवल अत्यंत आपातकालीन परिस्थितियों में ही उपायुक्त की पूर्व स्वीकृति के पश्चात छुट्टी स्वीकृत की जा सकेगी। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सभी अधिकारियों को इन आदेशों का मुस्तैदी से अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

