
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत जगन्नाथपुर प्रखंड के हेससापी, मोगरा सोलदौरी और सेलदौरी गांव में शनिवार की रात हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों की तेज चिंघाड़ से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और वे दहशत के साए में रात गुजारने को मजबूर हुए।
आधी रात को मचा हंगामा, बाल-बाल बचे ग्रामीण
ग्रामीणों के मुताबिक, देर रात अचानक हाथियों का झुंड रिहायशी इलाके में दाखिल हो गया। खिड़कियों से झांकने पर हाथियों को घरों के बेहद करीब देखकर लोग सहम गए। झुंड ने सबसे पहले एक मकान पर हमला कर उसे तोड़ने का प्रयास किया, जिससे घर को आंशिक रूप से क्षति पहुँची है। वहीं, घर के बाहर खड़ी एक मोटरसाइकिल भी हाथियों के पैरों तले कुचलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जानमाल के नुकसान से बचने के लिए ग्रामीणों ने घरों के अंदर से ही शोर मचाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की।
किसानों पर टूटा मुसीबतों का पहाड़
इस हमले में सबसे भारी नुकसान सेलदौरी निवासी किसान मानसिंह लागरी को हुआ है। हाथियों ने उनके खेत में घुसकर धान और मड़वा (रागी) की रोपाई के लिए तैयार की गई पौध (बिचड़ा) को रौंद डाला। इसके अलावा, करीब 50 डिसमिल खेत में लगी भिंडी की खड़ी फसल को भी हाथियों ने खाकर और कुचलकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया। पीड़ित किसान ने मायूसी जताते हुए कहा कि इस फसल को बेचकर ही उनके पूरे साल के घर का खर्च चलना था।
मुआवजे का भरोसा और वन विभाग की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद के सदस्य मानसिंह तिरिया तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। जिप सदस्य ने ग्रामीणों को ढाढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि सरकारी प्रावधानों के तहत उन्हें जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि रात में गश्त और सुरक्षा के मद्देनजर ग्रामीणों को टॉर्च व अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं।इधर वन विभाग की टीम ने भी प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया है। विभाग द्वारा गाँव में लाउडस्पीकर से मुनादी (घोषणा) करवाकर हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे रात के समय अत्यधिक सतर्क रहें और अकेले बाहर निकलने से बचें।

