Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियम-2026 को धरातल पर उतारने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के सभी बीडीओ और सीओ को कई अहम निर्देश दिए गए। बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक प्रखंड में संबंधित बीडीओ नोडल पदाधिकारी की भूमिका निभाएंगे, जबकि जिला स्तर पर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, जिसकी मॉनिटरिंग सर्वोच्च न्यायालय स्तर से भी होगी।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि 31 मई 2026 तक सभी वार्डों में लीड फेसिलिटेटर का चयन सुनिश्चित किया जाए। ये फेसिलिटेटर स्वच्छ भारत मिशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट फ्रेमवर्क को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाएंगे। साथ ही घर-घर कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक निस्तारण और स्वच्छता के फायदे समझाने के लिए बैठकें और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
बैठक में प्रत्येक वार्ड के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया। इन अधिकारियों को बल्क वेस्ट जेनरेटर (बीवीजी) की पहचान कर जून 2026 तक सूची तैयार करनी होगी। इसके अलावा बड़े कचरा उत्पादकों को चार अलग-अलग डस्टबिन रखने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि गीला, सूखा, सैनिटरी और अन्य कचरे का स्रोत स्तर पर ही पृथक्करण सुनिश्चित हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि इस नियम का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी को जरूरी बताया। सभी अंचल अधिकारियों को पंचायत और प्रखंड स्तर पर सेग्रिगेशन सेंटर तथा प्लास्टिक वेस्ट सेग्रिगेशन सेंटर स्थापित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जेएनएसी के उप नगर आयुक्त, नगर निकायों के पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी समेत अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जबकि बीडीओ और सीओ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
सिलिकोसिस मरीजों और मृतकों के आश्रितों की मेडिकल जांच अब 30 मई को
एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिलिकोसिस से प्रभावित व्यक्तियों और मृतकों के आश्रितों की मेडिकल बोर्ड के समक्ष होने वाली जांच की तिथि में बदलाव किया गया है। अब यह जांच 30 मई को दोपहर एक बजे आयोजित होगी। अस्पताल अधीक्षक के अनुसार पहले निर्धारित तिथि पर संबंधित लोगों की अनुपस्थिति के कारण जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी, जबकि 28 मई को सरकारी अवकाश रहने के कारण तिथि आगे बढ़ाई गई है। प्रशासन ने संबंधित लोगों से निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने की अपील की है।

