
जामताड़ा: जय श्रीराम एवं बंदे मातरम का नारा लगाना मौलाना अब्दुल रकीब रहमानी को काफी महंगा पड़ गया। इससे संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गांव में उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। भयवश उन्होंने जामताड़ा एसपी से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद जामताड़ा के नावाडीह गांव में भारी तनाव उत्पन्न हो गया है। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मौलाना अब्दुल रकीब रहमानी काफी डरे सहमे हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई है।
मौलाना रहमानी हाल ही में समाहरणालय के पास आयोजित भारतीय जनता पार्टी की एक जनसभा में शामिल हुए थे। आरोप है कि इस कार्यक्रम में उन्होंने जय श्रीराम और वंदे मातरम् के नारे लगाए। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद उनके ही गांव के कुछ लोग उनसे सख्त नाराज हो गए।
घर का घेराव कर गांव में पंचायत का दबाव
एसपी को दिए गए आवेदन में मौलाना ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि वीडियो सामने आने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने उनका पुतला जलाया। बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंच गए और हंगामा किया। उस समय वे खुद घर पर मौजूद नहीं थे, केवल उनका परिवार था।
माफी का बना रहे दबाव
मौलाना के मुताबिक, गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें फोन कर धमकी भरे लहजे में अगले दिन सुबह 9 बजे गांव की पंचायत में हाजिर होने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। मौलाना रहमानी ने बताया कि उनके पिता का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है और वे अभी पूरी तरह स्वस्थ भी नहीं हुए हैं। इस घटना के बाद से उनका पूरा परिवार खौफ में जी रहा है।
मौलाना अब्दुल रकीब रहमानी ने आवेदन में कहा है कि गांव के मौजूदा माहौल को देखते हुए अगर मैं बिना सुरक्षा के वहां गया, तो मेरे साथ कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। इसलिए प्रशासन मुझे और मेरे परिवार को तुरंत पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी है और गांव में शांति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

