RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची के जनक नगर (वार्ड 31) में रहने वाले करीब 200 परिवार पिछले छह महीनों से भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। क्षेत्र में नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समस्या की ओर कोई ठोस ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले नल से रेगुलर पानी आता था, लेकिन पिछले छह महीने से सप्लाई पूरी तरह बाधित है। कई बार दिनभर इंतजार के बाद भी नलों से पानी नहीं टपकता। पाइपलाइन को भी चेक कराया गया। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
पेयजल संकट से परेशान लोग मजबूरी में बाजार से जार का पानी खरीद रहे हैं। गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के लिए हर महीने जार का पानी खरीदना अलग से बोझ बन गया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि एक परिवार को महीने में हजार से पंद्रह सौ रुपये तक सिर्फ पीने के पानी पर खर्च करने पड़ रहे हैं। उसमें भी केवल जरूरी काम निपटा रहे है। सबसे हैरानी की बात यह है कि जलापूर्ति ठप है, लेकिन नगर निगम द्वारा हर महीने वाटर यूजर चार्ज की वसूली की जा रही है। ऐसे में व्यवस्था दुरुस्त रखनी चाहिए।
बार-बार गुहार के बाद भी समाधान नहीं
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई। लेकिन, अब तक कोई समाधान नहीं निकला। कोई मोहल्ले में झांकने तक नहीं आया। लोगों का आरोप है कि शिकायतों की फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं। अगर मामले को गंभीरता से लिया जाता तो पानी घरों में सप्लाई शुरू हो जाता। जल संकट के कारण जनक नगर में साफ-सफाई और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

