
रांची: झारखंड का प्रसिद्ध आम्रपाली आम, जो अपनी प्राकृतिक मिठास और बेहतरीन स्वाद के लिए दुनिया भर में पसंद किया जाता है, अब सऊदी अरब में भी अपनी पहचान बना रहा है। यह पहला अवसर है जब झारखंड के आम को अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किया गया है।
यह आम पूर्वी सिंहभूम और पाकुड़ जिले के किसानों ने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार किया है, जो अब सऊदी अरब के जेद्दा और रियाद शहरों में आयोजित मैंगो मानिया फेस्टिवल 2025 में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
फेस्टिवल में हुआ प्रोमोशन, झारखंड के आम को मिली खास पहचान
यह पूरा निर्यात झारखंड मार्केटिंग बोर्ड, एपेडा और ऑल सीजन फार्म फ्रेश के संयुक्त प्रयास से संभव हुआ। 14 से 17 जुलाई 2025 तक चले इस फेस्टिवल में झारखंड के आमों की प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन काउंसल जनरल ऑफ इंडिया जेद्दा, एच.ई. फाहद अहमद खान ने किया।
सऊदी बाजार में 520 रुपये किलो बिका आम्रपाली आम
झारखंड पणन सचिव अभिषेक आनंद ने बताया कि आम्रपाली आम को सऊदी अरब में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और ये 520 से 522 रुपये प्रति किलो की दर पर बिके। इस बार पाकुड़ से 250 क्विंटल आम्रपाली और पूर्वी सिंहभूम से 100 क्विंटल फजली आम निर्यात किए गए।
झारखंड मार्केटिंग बोर्ड और किसानों की मेहनत लाई रंग
निर्यात किए गए आमों का उत्पादन पटमदा प्रखंड (पूर्वी सिंहभूम) के किसान अशोक महतो और पाकुड़ जिले के किसान रंजीत पंडित, मिस्तारुक, मोर सलीम और सफी शेख ने किया था। इस खेप को बाजार समिति अध्यक्ष रविंद्र सिंह, सचिव अनुज कुमार सिंह और पाकुड़ उपायुक्त मनीष कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
ऑल सीजन फार्म फ्रेश ने निभाई अहम भूमिका
निर्यात की यह सफलता ऑल सीजन फार्म फ्रेश कंपनी के प्रोपराइटर अब्दुल हामिद खान और बाजार समिति जमशेदपुर के पणन सचिव अभिषेक आनंद के प्रयासों से संभव हो सकी। यह कंपनी एपेडा द्वारा लाइसेंस प्राप्त है और झारखंड से हरी और ताजी सब्जियों का निर्यात करने वाली पहली इकाई है।
हरी सब्जियों के निर्यात की भी योजना, किसानों को मिलेगा लाभ
साल 2021 में इसी संस्था ने रांची के नगड़ी स्थित एफपीओ – नेचुरल फैमिली प्रोड्यूसर कंपनी के किसानों द्वारा उत्पादित सब्जियों को दुबई में निर्यात किया था। इस सफलता को देखते हुए मार्केटिंग बोर्ड अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने कहा कि झारखंड के किसानों की आय बढ़ाने के लिए सब्जियों और फलों के निर्यात को आगे और विस्तार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “सऊदी अरब में झारखंड के आमों को बेहद पसंद किया गया है, और यह किसानों के लिए एक नए युग की शुरुआत है। आने वाले समय में आम और अन्य फलों का निर्यात बड़े पैमाने पर किया जाएगा ताकि राज्य के किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जा सके।”

