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Jharkhand Assembly Bomb Threat : पहले धमकी भरा फोन, फिर विधानसभा में BDS की छानबीन, जानिए क्या मिला

धमकी की जानकारी मिलने के बाद रांची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू की। बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई

by Rakesh Pandey
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रांची: झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। एक अज्ञात व्यक्ति ने 12 अगस्त को विधानसभा के कुछ कर्मचारियों को फोन कर परिसर को विस्फोट से उड़ाने की धमकी दी थी। फोन करने वाले ने कर्मचारियों से विधानसभा नहीं आने के लिए भी कहा था। मामले की जानकारी पुलिस को 20 अगस्त को मिली, जिसके बाद विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।

धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और विधानसभा परिसर की सुरक्षा जांच कराई। बम निरोधक दस्ते की टीम ने पूरे परिसर को बारीकी से खंगाला। जांच के दौरान हर संभावित स्थान की तलाशी ली गई, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली।

झारखंड विधानसभा बम धमकी मामले में क्या हुआ

पुलिस के अनुसार 12 अगस्त को विधानसभा के कुछ कर्मचारियों के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी और कर्मचारियों को वहां नहीं आने की बात कही। हालांकि, इस धमकी की जानकारी पुलिस तक 20 अगस्त को पहुंची। इसके बाद रांची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू की। बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई।

बीडीएस ने पूरे विधानसभा परिसर की ली तलाशी

धमकी के बाद बम निरोधक दस्ते की टीम ने विधानसभा परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। सुरक्षा जांच के दौरान संभावित संवेदनशील स्थानों को भी देखा गया। टीम ने परिसर में किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की मौजूदगी की पड़ताल की। जांच पूरी होने के बाद परिसर से किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक तलाशी अभियान के दौरान विस्फोटक मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

धमकी देने वाले की पहचान में जुटी रांची पुलिस

विधानसभा को धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिस मोबाइल नंबर से फोन किया गया था, उसे तकनीकी जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस की तकनीकी टीम कॉल से संबंधित जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फोन किस व्यक्ति ने किया था और धमकी देने के पीछे उसका मकसद क्या था। पुलिस कॉल से जुड़े अन्य तकनीकी तथ्यों की भी जांच कर रही है।

पहले भी सरकारी संस्थानों को मिल चुकी है बम धमकी

रांची में सरकारी और महत्वपूर्ण संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सिविल कोर्ट, उपायुक्त कार्यालय और पासपोर्ट कार्यालय सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। कुछ मामलों में एक ही संस्थान को बार-बार निशाना बनाने की धमकी दी गई। ऐसी सूचनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित परिसरों की जांच की थी। हालांकि, तलाशी के दौरान किसी भी स्थान से विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।

ईमेल के जरिए भी मिलती रही हैं धमकियां

झारखंड में सरकारी संस्थानों को धमकी देने के ज्यादातर मामलों में ईमेल का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आती रही है। इन मामलों में सुरक्षा एजेंसियां सूचना मिलने के बाद संबंधित संस्थानों की जांच करती रही हैं। ऐसे मामलों में पुलिस धमकी भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की जांच करती है। दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा द्वारा इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद उम्मीद जताई गई थी कि इस तरह की घटनाओं में कमी आएगी। इसके बावजूद झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से धमकी के मामले सामने आते रहे हैं।

कॉल के जरिए धमकी मिलने से बढ़ी गंभीरता

झारखंड विधानसभा से जुड़ा यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस बार धमकी फोन के जरिए दी गई। इससे पहले सरकारी संस्थानों को धमकी देने के कई मामले ईमेल के माध्यम से सामने आए थे। विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। परिसर की जांच के बाद फिलहाल किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस खंगाल रही है धमकी की पूरी कड़ी

रांची पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विधानसभा कर्मचारियों को फोन करने वाला व्यक्ति कौन है। मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच के साथ कॉल से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।

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