
रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL परीक्षा और सीडीपीओ भर्ती को रद्द करने के फैसले पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। अदालत के इस रुख से परीक्षा देने वाले युवाओं और चुने गए अधिकारी व कर्मचारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
अदालत के फैसले से जुड़े मुख्य बिंदु
नियुक्ति रद्द करने पर रोक: हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द करने के आदेश पर अंतरिम स्टे लगा दिया है। इससे पहले भी कोर्ट तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा चुका है।
सरकार को नोटिस: अदालत ने इस पूरे विवाद पर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है।
सुनवाई की अगली तारीख निश्चित: मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही इस भर्ती प्रक्रिया का भावी रुख तय होगा।
PCCF नियुक्ति पर सोमवार को सुनवाई
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) नियुक्ति से जुड़ी याचिका पर भी हाईकोर्ट में चर्चा हुई। चूंकि इस पद पर अभी अंतिम बहाली नहीं हुई है, इसलिए अदालत ने इस मुद्दे पर सोमवार को विस्तृत सुनवाई करने की बात कही है।
ज्ञात हो कि सकार के फैसले के खिलाफ परीक्षा पास कर चुके नवनियुक्त अधिकारी व कर्मियों ने अदालत का रुख किया था। गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर कर चयनित अभ्यर्थियों ने अपने अधिकारों की रक्षा की गुहार लगाई और मामले पर जल्द से जल्द सुनवाई करने की अपील की थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता अमृतांश वत्स की टीम काम कर रही है।
याचिका में तर्क दिया था कि बिना कोई ठोस कानूनी आधार बताए और बिना चयनित उम्मीदवारों का पक्ष सुने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करना पूरी तरह असंवैधानिक एवं एकतरफा कार्रवाई है।
अभ्यर्थी अपनी कड़ी मेहनत और योग्यता के बल पर चुने गए थे और विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ऐसे में प्रशासनिक दबाव में आकर उनके रोजगार को खतरे में डालना गलत है।
JSSC-CGL : सरकार के फैसले पर झारखंड हाई कोर्ट के स्टे के बाद अभ्यर्थियों ने मनाया जश्न, बांटीं मिठाइयां

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर झारखंड हाई कोर्ट से रोक लगते ही प्रोजेक्ट भवन के बाहर अचानक माहौल बदल गया। अभ्यर्थियों ने जमकर खुशी का इजहार किया। पिछले चार दिनों से लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने फैसला आते ही राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराया और पूरे जोश के साथ राष्ट्रगान गाकर कोर्ट के प्रति आभार जताया। अभ्यर्थियों ने इस फैसले को अपनी कड़ी मेहनत और सच्चाई की जीत बताया है।
अदालत का आदेश आते ही हुए भावुक
अदालत ने झारखंड में सीजीएल परीक्षा और सीडीपीओ की नियुक्ति को रद करने के आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत का आदेश सुनते ही कई चयनित अभ्यर्थी भावुक हो गए । उन्होंने जमीन चूमकर देश के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर की। सचिवालय के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों ने एक-दूसरे को गले लगाया और बधाई दी। जो अभ्यर्थी पिछले चार दिनों से अपनी सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर दिन-रात सड़क पर डटे थे, उनके चेहरों पर अब बड़ी राहत और संतोष साफ देखा जा सकता है।
मेहनत और मेरिट की हुई जीत
सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि वे किसी सिफारिश से नहीं, बल्कि अपनी योग्यता और वर्षों की मेहनत के दम पर चयनित हुए हैं। सरकार के एकतरफा फैसले से उनके भविष्य और करियर पर संकट के बादल मंडराने लगे थे, जिसे अदालत के इस फैसले ने साफ कर दिया है। अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई है कि न्यायपालिका आगे भी उनके अधिकारों की सुरक्षा करेगी।
18 अगस्त की देर रात जारी हुई थी अधिसूचना
राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात एक अधिसूचना जारी कर 22 परीक्षाओं को रद्द, 6 परीक्षाओं को स्थगित और 17 अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच के आदेश जारी किए थे। इस फैसले के विरोध में चयनित अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर अनवरत धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद अब हाई कोर्ट के आदेश से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

