चाईबासा : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम (West Singbhum) जिला पुलिस व अन्य सुलक्षा बलों के जवानों संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान जिले के जंगलों से एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किया। यह विस्फोटक माओवादी संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (Maoist) द्वारा सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए लगाया गया था। बुधवार को यह सफलता पुलिस और सुरक्षाबलों के संयुक्त अभियान के दौरान मिली।
कहां और कैसे मिला आईईडी?
पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष शेखर ने बताया कि यह आईईडी मारंगपोंगा और दलाईगारा गांवों की सीमा पर जंगल में लगाया गया था। इस ऑपरेशन में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला सशस्त्र पुलिस की टीमें शामिल थीं।
बम निरोधक दस्ते ने किया निष्क्रिय
सुरक्षाबलों ने आईईडी को समय रहते ढूंढ निकाला और मौके पर ही बम निरोधक दस्ते ने इसे निष्क्रिय कर दिया। यह विस्फोटक पांच किलोग्राम वजनी था और अगर यह फटता, तो इसका प्रभाव विनाशकारी हो सकता था।
नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन जारी
पुलिस ने बताया कि इस क्षेत्र में कई महीनों से नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। खुफिया जानकारी के अनुसार इस इलाके में शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा की मौजूदगी की सूचना है। बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस और सुरक्षाबलों की टीमें लगातार क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन कर रही हैं।
माओवादियों की साजिश पर कड़ा प्रहार
एसपी आशुतोष शेखर ने कहा कि माओवादियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए यह विस्फोटक लगाया था। लेकिन, सतर्कता और प्रभावी अभियान के चलते उनकी यह साजिश नाकाम हो गई।
क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में प्रयास
पश्चिम सिंहभूम जिले के कोल्हान क्षेत्र में माओवादियों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर यह अभियान महत्वपूर्ण है। सुरक्षाबल न केवल माओवादियों को रोकने बल्कि स्थानीय लोगों में विश्वास बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं।

