
Ranchi : झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने राज्यभर में नियुक्त होने वाले प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण की नई व्यवस्था तय की है। नई व्यवस्था के तहत सेवा में आने वाले प्रत्येक प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को आठ सप्ताह का अनिवार्य आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को विभागीय योजनाओं, कार्यालय संचालन, क्षेत्रीय कार्यों, वित्तीय एवं सेवा नियमों के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ई-कार्यालय, इलेक्ट्रॉनिक शासन, मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली, फाइल ट्रैकिंग प्रणाली और आईजीओटी कर्मयोगी सहित डिजिटल कार्यप्रणालियों की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के अंत में परीक्षा भी होगी।
इसके अलावा प्रत्येक छह से आठ वर्ष के अंतराल पर दो सप्ताह का सेवाकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य रहेगा। वहीं, पदोन्नति मिलने के बाद नई जिम्मेदारियों के अनुरूप तीन से पांच दिन का विशेष प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 90 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। विभाग का उद्देश्य प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिक सक्षम बनाना है।

