
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजधानी रांची के स्मार्ट सिटी में विकसित ट्रैफिक पार्क को सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता का मॉडल केंद्र बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों से कहा कि यह पार्क केवल मनोरंजन का स्थल नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा की व्यवहारिक शिक्षा देने वाला अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र बने। यहां बच्चों, युवाओं, नए वाहन चालकों और आम नागरिकों को यातायात नियमों, सड़क संकेतों और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक पार्क में ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएं, जहां बच्चे खेल-खेल में ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग, लेन अनुशासन, सड़क संकेतों और सुरक्षित पैदल चलने के नियमों को सीख सकें। इसके साथ ही युवाओं और वाहन चालकों के लिए भी सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाएं। उन्होंने बुजुर्गों में भी नागरिक अनुशासन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करना भी जरूरी है। इसलिए ट्रैफिक पार्क को आधुनिक तकनीक और प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था से लैस किया जाए, ताकि यह पूरे राज्य के लिए एक आदर्श मॉडल बन सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ट्रैफिक पार्क को इस तरह विकसित किया जाए कि यह भविष्य में झारखंड में सड़क सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरे तथा अन्य शहरों के लिए भी मॉडल साबित हो।
क्या है रांची का ट्रैफिक पार्क
रांची स्मार्ट सिटी के धुर्वा क्षेत्र में विकसित किया जा रहा ट्रैफिक पार्क झारखंड का पहला ट्रैफिक पार्क है। करीब 4.25 एकड़ क्षेत्र में लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस पार्क का उद्देश्य बच्चों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक प्रशिक्षण देना है।
पार्क में वास्तविक सड़क जैसी व्यवस्था तैयार की गई है, जिसमें ट्रैफिक सिग्नल, गोलंबर, जेब्रा क्रॉसिंग, सड़क संकेत, लेन मार्किंग और चौराहों का मॉडल बनाया गया है। यहां बच्चे साइकिल और छोटे प्रशिक्षण वाहनों के माध्यम से सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का अभ्यास कर सकेंगे। इसके अलावा सड़क सुरक्षा से जुड़े ऑडियो-वीडियो माध्यम, प्रशिक्षण कक्ष और जागरूकता कार्यक्रमों की भी व्यवस्था होगी, ताकि हर आयु वर्ग के लोग यातायात नियमों को आसानी से समझ सकें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ट्रैफिक पार्क को इस तरह विकसित किया जाए कि यह भविष्य में झारखंड में सड़क सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरे तथा अन्य शहरों के लिए भी मॉडल साबित हो।

