
रांची : झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त कार्रवाई में कुल 22 लाख रुपये के इनामी तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो, 5 लाख रुपये का इनामी रवि सरदार और 2 लाख रुपये की इनामी मीना शामिल है। मीना, मदन महतो की पत्नी बताई जा रही है। इस कार्रवाई को राज्य में नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को मिली बड़ी सफलता
सुरक्षा एजेंसियों के लगातार अभियान का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त कार्रवाई के दौरान तीन वांछित नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई, जिन पर राज्य सरकार की ओर से कुल 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियां इनकी तलाश कर रही थीं।
अधिकारियों का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से नक्सली संगठन की गतिविधियों पर और प्रभाव पड़ेगा तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
15 लाख के इनामी मदन महतो की गिरफ्तारी सबसे बड़ी उपलब्धि
गिरफ्तार नक्सलियों में सबसे प्रमुख नाम 15 लाख रुपये के इनामी मदन महतो का है। वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की सूची में शामिल था। उसके साथ 5 लाख रुपये के इनामी रवि सरदार और 2 लाख रुपये की इनामी मीना को भी गिरफ्तार किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इन तीनों से पूछताछ कर संगठन की गतिविधियों, नेटवर्क और अन्य सक्रिय सदस्यों के संबंध में जानकारी जुटा रही हैं। जांच के आधार पर आगे भी अभियान तेज किए जाने की संभावना है।
हाल में एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा की भी हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड में हाल के दिनों में नक्सल विरोधी अभियान लगातार सफल रहा है। जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठन के शीर्ष नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को चार अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी को राज्य में नक्सली संगठन के शीर्ष नेतृत्व पर सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना गया था।
नवजीवन-2 अभियान के तहत 16 नक्सलियों ने किया था आत्मसमर्पण
इससे पहले 29 जुलाई को पुलिस मुख्यालय में संचालित नवजीवन-2 अभियान के तहत भाकपा (माओवादी) के 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें 11 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल थीं। आत्मसमर्पण करने वालों में संतोष उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी उर्फ दिलीप उर्फ संजय महतो उर्फ बासुकू उर्फ श्याम भी शामिल था। वह कभी गिरिडीह और चाईबासा क्षेत्र में सक्रिय नक्सली कमांडर के रूप में जाना जाता था। राज्य सरकार ने उस पर भी 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

