
रांची : नगर विकास एवं आवास विभाग के नगरीय प्रशासन निदेशालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लंबित आवासों को सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। निदेशक नैंसी सहाय ने बुधवार को राज्य के सभी नगर निगमों और शहरी निकायों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक कर लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में करीब 14 हजार आवास अभी फाउंडेशन और लिंटल स्तर पर हैं। इन्हें अगले एक माह में रूफ लेवल तक पहुंचाने तथा रूफ लेवल तक पहुंच चुके सभी आवासों का निर्माण सितंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। साथ ही लंबित जियो-टैगिंग तत्काल पूरी करने और प्रत्येक नगर निकाय को साप्ताहिक लक्ष्य तय कर कार्य करने को कहा गया।
निदेशक ने स्पष्ट किया कि आवास निर्माण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध करा दी गई है। लाभुकों को किस्त भुगतान में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। जिन नगर निकायों ने अब तक भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की है, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी निकायों को एसएनए स्पर्श के माध्यम से आवंटित राशि का 80 प्रतिशत खर्च कर अगली किस्त की मांग करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत इस वर्ष एक लाख नए आवास स्वीकृत कराने का लक्ष्य तय किया गया। अब तक 73 हजार नए सर्वेक्षणों के आधार पर लाभुकों का चयन किया गया है, जिनमें 44 हजार का सत्यापन पूरा हो चुका है। नगर निकायों को पात्र आवासविहीन परिवारों से अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
इसके अलावा प्रथम चरण में राज्य के 10 नगर निगमों में 21.06 करोड़ रुपये की लागत से एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर स्थापित करने के कार्य में तेजी लाने, पीएम स्वनिधि योजना के तहत अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को ऋण उपलब्ध कराने तथा मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार और जॉब कार्ड उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।

