Jamshedpur : झारखंड में क्रिकेट प्रशासन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामला तब और तूल पकड़ गया जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के ओम्बुड्समैन ने जेएससीए को कारण बताओ नोटिस जारी कर दी।
शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
यह पूरा मामला जेएससीए के एक सदस्य द्वारा की गई शिकायत के बाद सामने आया है। शिकायत में संघ की चुनाव प्रक्रिया और नियमों के पालन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। खासतौर पर यह कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लागू किए गए लोढ़ा समिति के दिशा-निर्देशों का पालन ठीक से नहीं किया गया।
संविधान संशोधन पर उठे सवाल
शिकायत में यह भी आरोप है कि जेएससीए ने अपने संविधान में आवश्यक संशोधन तो किए, लेकिन उसका विधिवत रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। इसके बावजूद वर्ष 2019, 2022 और 2025 में चुनाव आयोजित कराए गए। ऐसे में इन चुनावों की वैधता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
चुनावों की वैधता पर संकट
अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो पिछले तीन चुनावों को लेकर कानूनी पेच फंस सकता है। इससे न सिर्फ वर्तमान पदाधिकारियों की स्थिति प्रभावित हो सकती है, बल्कि पूरे संघ की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ सकता है।
फंडिंग पर भी पड़ सकता है असर
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि लोढ़ा समिति के नियमों का पालन नहीं किया गया, तो बीसीसीआई द्वारा मिलने वाली वित्तीय सहायता रोकी जा सकती है। यह स्थिति जेएससीए के लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर सकती है।
चार हफ्ते में मांगा जवाब
इस मामले में ओम्बुड्समैन न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण मिश्रा ने जेएससीए को चार सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। अब सभी की नजरें जेएससीए के जवाब और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

