रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से राज्य संवैधानिक रूप से डीजीपी विहीन है। एसीबी, सीआईडी समेत सभी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख पद भी खाली पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार, पक्षपात और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। उनके अनुसार अनुराग गुप्ता पर बिहार के मगध विश्वविद्यालय थाना में वर्ष 2000 में आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था।
और भी है कई आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनुराग गुप्ता को झारखंड में ईडी के मामलों को ‘मैनेज’ करने और भ्रष्टाचार उजागर करने वाले अफसरों और गवाहों को दबाव में लाने के लिए नियुक्त किया गया। बाबूलाल मरांडी ने बताया कि ईडी के तीन गवाहों को हाल ही में पुलिस केस कर जेल भेजा गया और जिन अफसरों ने ईडी को सहयोग दिया, उनके खिलाफ एसीबी के जरिए कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अनुराग गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बावजूद डीजीपी नियुक्त किया गया और झारखंड सरकार ने UPSC की अनुशंसा प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए अपनी मनमर्जी से नियम बनाकर उन्हें पद पर बैठा दिया, जबकि उन्हें 30 अप्रैल को रिटायर होना था।
धनबाद में कोयले की चोरी
बाबूलाल ने कोयला चोरी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि धनबाद क्षेत्र में रोज 700 से 800 ट्रक कोयले की चोरी हो रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने राज्य सरकार से अविलंब नए डीजीपी की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नियुक्ति की मांग की। प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक और प्रवक्ता अजय साह भी मौजूद थे।

