
रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत JPSC और JSSC की कई परीक्षाओं व नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया था। सरकार ने धांधली के आरोपों के चलते यह कदम उठाया था। चयनित अभ्यर्थियों ने बुधवार को अदालत में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी। कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल रद्दीकरण का फैसला बेअसर हो गया है।
इस फैसले से चयनित अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हालांकि रांची के प्रोजेक्ट भवन के पास JSSC CGL के अभ्यर्थी सुबह से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। 31 दिसंबर 2025 को नियुक्ति पत्र पाने के बाद करीब 7 महीने नौकरी कर चुके इन अभ्यर्थियों का कहना है कि अचानक फैसला बदलने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। अदालत में अर्जी दाखिल कर अभ्यर्थियों ने इस पूरे मामले पर तुरंत सुनवाई करने की मांग की थी।
चयनित उम्मीदवारों का कहना है कि सरकार का फैसला एकतरफा है। अगर किसी ने गड़बड़ी की है तो सिर्फ उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। सभी अभ्यर्थियों के भविष्य को दांव पर लगाना सही नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि उन्होंने लंबी कानूनी और पारदर्शी प्रक्रिया के बाद अपनी काबिलियत के बल पर यह जगह बनाई थी। कुछ लोगों की गलती का खमियाजा सभी को भुगतना पड़ रहा है।
अभ्यर्थियों के मुताबिक हाईकोर्ट के पूर्व निर्देशों के आधार पर ही परिणाम घोषित कर नियुक्तियां दी गई थीं। ऐसे में बिना जांच और व्यक्तिगत दोष साबित हुए पूरी परीक्षा रद करना न्यायसंगत नहीं है। उनका कहना था कि दोबारा परीक्षा होने की स्थिति में कई अभ्यर्थी ओवरएज हो जाएंगे, जिससे उनका करियर खत्म हो जाएगा।


