
रांची : जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों की मांगों को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपना भरपूर समर्थन दिया है। छात्रों द्वारा राज्य सरकार को कार्रवाई के लिए दिए गए 60 दिन के समय के बाद रघुवर दास ने फिलहाल अपना प्रस्तावित एक दिवसीय अनशन टाल दिया है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह छात्रों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
कहा है कि JSSC- CGL मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराई जाए। जांच के जरिए लेन-देन और धांधली से नौकरी पाने वाले फर्जी अभ्यर्थियों को चिह्नित कर तुरंत बर्खास्त किया जाए, ताकि मेधावी और योग्य छात्रों का हक न मारे जाएं।
पूरी नियुक्ति को रद्द करने के बजाय हो निष्पक्ष जांच
सुप्रीम कोर्ट के पुराने निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने मांग की है कि पूरी नियुक्ति को रद्द करने के बजाय निष्पक्ष जांच कर ‘दागी’ और ‘प्रतिभावान’ अभ्यर्थियों को अलग किया जाए। सरकार पूरी नियुक्ति को रद्द न करे।
उन्होंने कहा कि उत्पाद सिपाही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा अर्थात दौड़ के दौरान जान गंवाने वाले 19 झारखंडी व मूलवासी युवाओं के आश्रितों को सरकार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे।
रघुवर दास ने दोहराया कि छात्रों के इस आंदोलन को भाजपा का पूरा नैतिक समर्थन हासिल है। सरकार को छात्रों की मुख्य मांगों को समय रहते पूरा करना ही होगा, वरना यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
नौकरी गंवाने वाले अभ्यर्थी आज निकालेंगे तिरंगा यात्रा

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने के बाद हजारों चयनित अभ्यर्थी अचानक सड़क पर आ गए। एक झटके में ही उनकी नौकरी छिन गई। सरकार के इस फैसले के खिलाफ नौकरी गंवाने वाले अभ्यर्थियों ने गुरुवार को तिरंगा यात्रा निकालने का निर्णय लिया है।आज शाम 5 बजे मोरहाबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। ऐसे अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ आंदोलन पर उतर आए हैं।
1975 चयनित अभ्यर्थियों की चली गई नौकरी
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने से 1975 चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी चली गई है। सरकार के फैसले के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई है।
प्रोजेक्ट भवन मंत्रालय के पास धरना दे रहे अभ्यर्थियों को वहां से हटकर गोल चक्कर में धरना प्रदर्शन करने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने कामकाज प्रभावित होने के कारण इन लोगों को वहां से हटाने की बात कही है। धरना स्थल पर फोर्स भर दिया गया है । मंत्रालय के पास अभी भी कुछ अभ्यर्थी जमा हैं।

