jamshedpur (Jharkhand) : कोल्हान विश्वविद्यालय (Kolhan University) ने आखिरकार बाहरी स्रोतों (Outsourcing) से कर्मचारियों की आपूर्ति (Worker Supply) के लिए तीन साल का ठेका (Contract) अंतिम रूप दे दिया है। बुधवार को कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इस संबंध में निविदा खोली गई।
जेम पोर्टल से पूरी हुई प्रक्रिया
इस निविदा प्रक्रिया में कुल 89 संवेदकों (contractors) ने भाग लिया था। गहन मूल्यांकन और तकनीकी परीक्षण के बाद, केवल दो संवेदक ही निविदा के मानकों पर खरे उतरे। इसके बाद मूल्य निविदा खोली गई, जिसमें एक संवेदक को सबसे उपयुक्त पाया गया। चयनित संवेदक को अब अगले तीन वर्षों के लिए विश्वविद्यालय में कर्मियों की आपूर्ति का कार्यादेश (work order) जारी किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह पूरी निविदा प्रक्रिया सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की।
कर्मियों के लंबित वेतन का रास्ता साफ
इस प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरा होने से विश्वविद्यालय में कार्यरत बाहरी कर्मियों के कई महीनों से रुके हुए वेतन भुगतान का रास्ता अब साफ हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है और उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में सभी संबंधित कर्मचारियों को उनका बकाया वेतन मिल जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी थे उपस्थित
बैठक में वित्त सलाहकार कान्त किशोर मिश्र, कुलानुशासक डॉ. राजेन्द्र भरती, डीएसडब्लू डॉ. संजय यादव, कॉलेज विकास परिषद के समन्वयक डॉ. रविन्द्र कुमार चौधरी, उप कुलसचिव मुरारी कुमार मिश्रा, विशेषज्ञ सदस्य राज रंजन सिन्हा, वित पदाधिकारी डॉ. बीके सिंह और कुलसचिव डॉ. परशुराम सियाल सहित विश्वविद्यालय के कई महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद थे। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह कदम निश्चित रूप से विश्वविद्यालय में कार्यरत बाहरी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगा।

