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Kolkata Doctor Rape Murder Case : पहली बार कैमरे पर बोला संजय रॉय, कहा-मुझे फंसाया गया

आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए एक लेडी डॉक्टर के रेप और मर्डर केस के मुख्य आरोपी संजय रॉय ने कहा कि मैंने न तो बलात्कार किया और न ही हत्या की है। मैं निर्दोष हूं और मुझे फंसाया गया है। ममता सरकार ने मुझे चुप रहने की धमकी दी है।

by Rakesh Pandey
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कोलकाता : शहर के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए एक लेडी डॉक्टर के रेप और मर्डर केस के मुख्य आरोपी संजय रॉय ने कोर्ट में पहली बार कैमरे के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। संजय ने खुद को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुए ममता सरकार पर आरोप लगाया। इसके साथ ही कहा कि उसे जानबूझकर फंसाया गया है।

संजय रॉय का बयान

कोर्ट में संजय रॉय ने कहा कि मैंने न तो बलात्कार किया और न ही हत्या की है। मैं निर्दोष हूं और मुझे फंसाया गया है। ममता सरकार ने मुझे चुप रहने की धमकी दी है। यह बयान उस समय आया है जब सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में संजय को मुख्य अपराधी बताया है और उसे ही इस कांड का जिम्मेदार ठहराया है।

सीबीआई की चार्जशीट

सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, संजय रॉय ने ही इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़िता से लिए गए सीमन के सैंपल का मिलान संजय के साथ हो चुका है। इसके अलावा, सीएफएसएल रिपोर्ट से यह भी पुष्टि हुई है कि सीमन संजय रॉय का ही है। चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि 9 अगस्त को क्राइम सीन से मिले बाल भी संजय रॉय के पाए गए हैं। कोलकाता पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर संजय को गिरफ्तार कर लिया था, और उसके खिलाफ कई भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।

साक्ष्य का विस्तृत विवरण

सीबीआई ने अपने तर्क को मजबूत करने के लिए करीब 100 गवाहों के बयान, 12 पॉलीग्राफ टेस्ट, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट, और मोबाइल की कॉल डिटेल का सहारा लिया है। चार्जशीट में स्पष्ट किया गया है कि ट्रेनी जूनियर डॉक्टर के साथ रेप की घटना को अकेले संजय ने अंजाम दिया था और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता नहीं थी।

संजय रॉय की सीसीटीवी फुटेज में 9 अगस्त की सुबह 4 बजे सेमिनार हॉल में दाखिल होते हुए और आधे घंटे बाद बाहर आते हुए दिखाया गया है। इस दौरान कोई और व्यक्ति वहां नहीं गया था। इसके अलावा, संजय का मोबाइल ईयरफोन भी सेमिनार हॉल में पाया गया था, जो उसकी पहचान को और स्पष्ट करता है।

फॉरेंसिक साक्ष्य

फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी इस मामले में अहम भूमिका निभाई है। पीड़िता के नाखूनों में मिले खून का मिलान संजय रॉय के डीएनए से हुआ है, और इसके अलावा, पीड़िता के प्राइवेट पार्ट से भी संजय का डीएनए पाया गया है। चार्जशीट के अनुसार वारदात की रात संजय ने काफी शराब पी रखी थी और वह बेहोशी की हालत में डॉक्टर के कमरे में पहुंचा था।

संजय रॉय ने कोर्ट में अपने खिलाफ चल रही प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है और अभी आरोप तय करने की प्रक्रिया जारी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में साक्ष्यों की पूरी समीक्षा की जाएगी, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

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