
लातेहार : जिले के सदर थाना क्षेत्र के आरागुंडी गांव में शुक्रवार को कोयला ढोने के लिए बनने वाली रेलवे लाइन के सर्वे को लेकर भारी हंगामा हो गया। देखते ही देखते ग्रामीण आपस में ही भिड़ गए। इस हिंसक झड़प में लाठी-डंडे चलने से ग्राम प्रधान पीतांबर यादव और सुरेंद्र उरांव गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल तनाव को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
बिना अनुमति सर्वे करने पर भड़के ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, डीवीसी तुबेद कोल प्रोजेक्ट से कोयला ले जाने के लिए यहां रेलवे लाइन का सर्वे होना था। इसके लिए जैसे ही टीम गांव पहुंची, ग्रामीणों ने उन्हें करीब एक घंटे तक बंधक बना लिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना या ग्रामसभा की मंजूरी के सर्वे शुरू कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, उनके यहां पारंपरिक पड़हा राजा व्यवस्था लागू है, इसलिए बिना ग्रामसभा की सहमति के ड्रोन से नापी या किसी भी तरह का सर्वे नहीं होने दिया जाएगा।
दो गुटों में बंटा पूरा गांव
इस सर्वे को लेकर गांव के लोग दो पक्षों में बंट गए हैं। नंदकिशोर यादव, जितेंद्र यादव और ग्राम प्रधान पीतांबर यादव जैसे किया जा सकता है।
दूसरी तरफ विरोधी पक्ष सुरेंद्र उरांव, शिवनाथ उरांव और उर्मिला देवी समेत कई ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक ग्रामसभा की लिखित अनुमति नहीं मिलती, तब तक वे किसी भी कीमत पर सर्वे का काम आगे नहीं बढ़ने देंगे।
तीन थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
विवाद और मारपीट की खबर मिलते ही पुलिस कप्तान कुमार गौरव के आदेश पर लातेहार, चंदवा और बालूमाथ थानों की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए बंधक बनी सर्वे टीम को ग्रामीणों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला।
अंचल अधिकारी नंदकुमार राम ने बताया कि ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया गया है। वहीं लातेहार के एसडीएम दिनेश कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंचल अधिकारी को मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और गांव वालों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

