
जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा गठित जमशेदपुर को-ऑपरेटिव विधि महाविद्यालय की हाई पावर कमेटी की बैठक शुक्रवार को विधि महाविद्यालय में कोल्हान विश्विद्यालय के सिंडिकेट और सीनेट सदस्य तथा इस समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में हुई। इसमें केयू के कुलानुशासक डॉ राजेंद्र भारती, कोल्हान विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य लखन मारडी, जमशेदपुर को-ऑपरेटिव महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ कृष्णा प्यारे, कोल्हान विश्वविद्यालय के विधि कोषांग के समन्वयक डॉ संजीव कुमार विरूलि तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जितेन्द्र कुमार ने भाग लिया।
इस अवसर पर तय हुआ कि झारखंड के एक मात्र सरकारी विधि महाविद्यालय के उन्नयन के हर प्रयास किया जायेगा और बेहतर आधारभूत संरचना सुलभ कराकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया से स्थायी संबद्धता के हर निर्धारित शर्त को पूरा कराया जायेगा। बैठक में समृद्ध पुस्तकालय, मूट कोर्ट, स्टाफ रूम, शिक्षकों की कमी को दूर कराने और छात्रों को बेहतर सुविधा सुलभ कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में सत्र को नियमित चलाने, परीक्षा को समय पर संचालित कराने और महाविद्यालय में सी सीटीवी बेहतर कराने, महाविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों में बेहतर समन्वय तथा अनुशासन बना रहे इस पर भी ध्यान देने का निर्णय लिया गया।
इस सत्र के लिए मिली संबद्धता जल्द शुरू होगा एडमिशन
बैठक में बताया गया कि सत्र 2026-29 के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने संबद्धता प्रदान कर दी है। जो कॉलेज परिवार के लिए खुशी की बात है। बताया गया कि विश्वविद्यालय से प्रवेश परीक्षा शीघ्र आयोजित कराने का आग्रह भी किया गया ताकि समय पर सेशन शुरू हो सके। उम्मीद है कि जुलाई में प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यहां एलएलबी के 120 सीटों पर दाखिला लिया जाएगा।
निर्माण कार्य तेज गति से पूरा करने का निर्देश
इस कमेटी ने विधि महाविद्यालय के निर्माणाधीन भवन का भी अवलोकन किया। इस दौरान ठेकेदार को समय पर पर बेहतर निर्माण कार्य करने की बात कही गयी। ताकि कॉलेज में आधारभूत संरचना की जो कमी है वह जल्द से जल्द दूर हो सके। मालूम हो कि यह कॉलेज करीब 30 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा है। इसे अगले साल पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

