
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में जल्द मेट्रो रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद जगी है। राज्य सरकार ने राजधानी में मेट्रो रेल चलाने के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया है। केंद्रीय शहरी विकास एवं विद्युत मंत्री मनोहर लाल को इस परियोजना से भी अवगत कराया गया है।
नगर विकास विभाग के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से उठाई गई सभी आपत्तियों का निराकरण करते हुए दो दिन पूर्व ही रांची मेट्रो रेल परियोजना का संशोधित प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेज दिया गया है। अब केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण में करीब 16 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। यह मेट्रो कांकें से शुरू होकर कांकें रोड, कचहरी रोड, फिरायालाल चौक, मेन रोड, डोरंडा और हिनू तक चलेगी। इससे राजधानी के प्रमुख इलाकों के बीच यातायात सुगम होगा और लोगों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी।
नगर विकास सचिव ने कहा कि वर्ष 2033 तक के संभावित यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए दूसरे चरण की भी योजना बनाई जा रही है। इसके तहत रांची के अन्य क्षेत्रों में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।
दो बार अटक चुका है रांची मेट्रो का प्रस्ताव
रांची में मेट्रो रेल चलाने की योजना पर इससे पहले भी दो बार पहल हो चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार की विभिन्न तकनीकी और वित्तीय आपत्तियों के कारण परियोजना को मंजूरी नहीं मिल पाई थी। इस बार राज्य सरकार ने सभी आपत्तियों का निराकरण करते हुए नए सिरे से विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है और उसे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेज दिया है। सरकार को उम्मीद है कि संशोधित प्रस्ताव पर जल्द सहमति बनेगी और राजधानी में मेट्रो रेल सेवा शुरू करने का रास्ता साफ होगा।
रांची, टाटा समेत चार शहरों में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
इसके साथ ही राज्य सरकार रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा शुरू करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। प्रत्येक शहर में 100 सिटी बस चलाई जाएंगे।इस योजना का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रक्रिया शुरू होगी।
नगर विकास सचिव ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन से प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन की खपत घटेगी और शहरों में पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित होगी। राज्य सरकार शहरी परिवहन के आधुनिकीकरण के लिए कई अन्य योजनाओं पर भी काम कर रही है, जिससे झारखंड के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

